By अंकित सिंह | Aug 12, 2026
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को नई दिल्ली में 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट रुख है कि इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए। पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हमारा रुख यह है कि इस बिल को वापस लिया जाना चाहिए। उसी दिन, केंद्र सरकार के संसद में प्रस्ताव पेश करने के बाद इस बिल को औपचारिक रूप से संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया। कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में यह प्रस्ताव पेश किया।
समिति को बिल की गहराई से जांच करने का काम सौंपा गया है और उसे 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले हफ़्ते के आखिरी दिन तक संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि संयुक्त समिति की बैठकों के लिए कोरम (न्यूनतम सदस्यों की संख्या) कुल सदस्यों का एक-तिहाई होगा।
विपक्ष के कुछ सदस्यों ने भी बिल को वापस लेने की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने बिल को वापस लेने की मांग की, जिसका समर्थन समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी किया। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने भी बिल का विरोध करते हुए कहा कि इसे पेश ही नहीं किया जाना चाहिए था और उन्होंने आदिवासी व आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में शिक्षा और सेवाएं देने में NGO की भूमिका पर ज़ोर दिया।
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