उत्तराखंड के चंपावत में भूस्खलन के कारण फंसे लोग, मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 22, 2021

देहरादून। उत्तराखंड के चंपावत जिले में टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बारिश से कई स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण करीब दो दर्जन लोग अब भी फंसे हुए हैं, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर विश्रामघाट में भूस्खलन के कारण यातायात अवरूद्ध होने से फंसे लोगों के लिए चंपावत जिला प्रशासन द्वारा ठहरने और भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है। मलबे को साफ कर मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है। चंपावत के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे ने बताया कि लगातार बारिश के दौरान मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर आठ स्थानों पर पहाडों से हुए भूस्खलन के चलते यातायात बंद हो गया था जिससे करीब 150 लोग फंस गए थे। 

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मुख्यमंत्री धामी उत्तरकाशी में बादल फटने से प्रभावित गांवों मांडौ और कंकराडी की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को वहां पहुंचे और प्रभावितों को सरकार से हर संभव मदद का भरोसा दिया। यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के साथ मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मांडौ और कंकराडी गांवों के लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करा गांव के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ितों को आपदा राहत की मदद से चार लाख रू के अतिरिक्त एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिये जाने की भी घोषणा की मांडौ गांव में रविवार देर रात बादल फटने से एक बालिका समेत एक परिवार की तीन महिलाओं की मृत्यु हो गयी थी जबकि निकटवर्ती कंकराडी गांव में एक व्यक्ति लापता हो गया था। बुधवार को उसका शव साडा गांव से बरामद हो गया जिसके साथ ही घटना में मरने वालों की संख्या चार हो गई।

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