राजीव गांधी सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठाने से राहुल क्यों इतने परेशान हैं: जेटली

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 06, 2019

नयी दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि जब राहुल गांधी के दिवंगत पिता राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार की ईमानदारी के मुद्दे उठाए जाते हैं और बोफोर्स तोप सौदे में ‘‘क्यू’कनेक्शन के बारे में सवाल किए जाते हैं, तब कांग्रेस अध्यक्ष (राहुल) परेशान क्यों हो जाते हैं। जेटली ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि राहुल गांधी को लगता है कि अत्यधिक ईमानदार व्यक्ति - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने पर भी राजवंश को किसी सवाल का जवाब नहीं देना होगा। गौरतलब है कि ‘राजीव गांधी का जीवनकाल भ्रष्टाचारी नंबर 1 के रूप में खत्म होने’ संबंधी प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर जवाब देते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी, लड़ाई खत्म हो गई है। आपके कर्म आपका इंतजार कर रहे हैं। खुद के बारे में अपने अंदर की धारणाओं को मेरे पिता पर डालने से आप नहीं बचने वाले हैं। आपको ढेर सारा प्यार और गले लगाता हूं...।’’ जेटली ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘राजीव गांधी सरकार की ईमानदारी के मुद्दे उठाए जाने से राहुल गांधी इतने परेशान क्यों हो गए? बोफोर्स में ओतावियो क्वात्रोच्चि को रिश्वत क्यों मिली थी? क्यू कनेक्शन कौन था? कोई जवाब नहीं आया है।’’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में एक चुनावी रैली में राहुल के दिवंगत पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लिये बगैर कहा था,  आपके पिताजी को आपके दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन बना दिया था। लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नम्बर 1 के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया।’’ 

जेटली ने कहा कि यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी हत्या हुई थी लेकिन अब भी कांग्रेस से आपातकाल और ऑपरेशन ब्लू स्टार के बारे में सवाल किए जाते हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘अत्यधिक ईमानदार व्यक्ति- भारत के प्रधानमंत्री की ईमानदारी पर राजवंश हमला कर सकता है। क्या वह मानते हैं कि राजवंश को किसी सवाल का जवाब नहीं देना होगा?’’ गौरतलब है कि बोफोर्स सौदे को 1989 के लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी नीत कांग्रेस सरकार को मिली हार के लिए एक मुख्य वजह बताई जाती है। यह पूछे जाने पर कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर अर्थव्यवस्था को बदहाल स्थिति में छोड़ने का आरोप लगाया है, इस पर वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘जब एक अर्थशास्त्री नेता बनता है तब वह अर्थव्यवस्था और राजनीति, दोनों की समझ खो देता है।’’ जेटली ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह ने 2014 में विरासत के रूप में आर्थिक नरमी, ‘पॉलिसी पारालाइसिस’ और भ्रष्टाचार दिया था। वह अपनी पार्टी को संसद में अब तक के सबसे कम संख्या बल तक ले गए। उन्होंने भारत को विश्व के पांच नाजुक अर्थव्यवस्था वाले देशों में शामिल कर दिया था। आज वह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था को संकटपूर्ण बता रहे हैं।

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