By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 15, 2026
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 15 सितंबर को भोपाल पहुंचे। वे यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के विरोध में आयोजित एक जनसभा में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून संविधान के कई प्रावधानों, जैसे अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 का उल्लंघन करेगा। मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 के खिलाफ है, और आप धर्म की स्वतंत्रता को खत्म करके ऐसा कानून लागू नहीं कर सकते। उन्होंने ये बातें तब कहीं जब वे UCC (यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड) का समर्थन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना कर रहे थे।
ओवैसी ने भारत में अनेकता (pluralism) के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि मोदी सरकार के तहत बने लॉ कमीशन ने पहले ही यह निष्कर्ष निकाला था कि UCC देश के लिए न तो ज़रूरी है और न ही वांछनीय। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी बात, इस देश की आत्मा और भावना अनेकता ही है। तीसरी बात, अमित शाह, BJP और RSS गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश कर रहे हैं। चौथी बात, खुद मोदी सरकार द्वारा गठित लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि UCC भारत के लिए न तो ज़रूरी है और न ही वांछनीय।
AIMIM प्रमुख ने अमित शाह, BJP और RSS पर गैर-हिंदू समुदायों पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) का मकसद सभी नागरिकों के लिए—चाहे उनका धर्म कोई भी हो—शादी, तलाक़, विरासत और गोद लेने से जुड़े पर्सनल कानूनों का एक समान सेट लागू करना है। BJP ने इसे अपने कानूनी और सामाजिक सुधार एजेंडे का एक अहम हिस्सा बनाया है।