By अंकित सिंह | Jul 15, 2023
समान नागरिक संहिता को लेकर देश में जबरदस्त तरीके से चर्चा जारी है। हाल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसको लेकर एक बड़ा बयान दिया था जिसके बाद से विपक्षी दल केंद्र की सरकार पर हमलावर हो गए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार अपनी नाकामयाबी को छिपाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। इन सबके बीच ओवैसी ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि भाजपा विधि आयोग का इस्तेमाल कर रही है।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि आप(विपक्ष) भाजपा को 2024 में हराना चाहते हैं तो फर्क तो दिखाइए, या फिर आप भाजपा के एजेंडा पर ही चलेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि वो लोग(विपक्ष) उस विषय(UCC) पर बात करेंगे या नहीं, मगर आपको फर्क दिखाना पड़ेगा। वो बड़े-बड़े चौधरियों का क्लब है, उसमें ओवैसी जैसे अछूत का तो साया भी नहीं पड़ सकता।
विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर जनता की प्रतिक्रियाएं आमंत्रित किये जाने की समय सीमा शुक्रवार को 28 जुलाई तक बढ़ा दी। आयोग ने कहा है कि समयसीमा बढ़ाने का फैसला बड़ी संख्या में लोगों के विचार हासिल होने और रायशुमारी के लिए और अधिक समय दिये जाने की मांग के मद्देनजर किया गया है। आयोग ने यूसीसी पर संगठनों और जनता से 14 जून को प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की थी। प्रतिक्रिया भेजने की एक महीने की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई, जिसके बाद इसे बढ़ाया गया है।