Kotak Bank में Ashok Vaswani का दौर खत्म, नए CEO के सामने निवेशकों के भरोसे की सबसे बड़ी चुनौती

By Ankit Jaiswal | Jun 29, 2026

देश के निजी बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक अशोक वासवानी ने वर्ष के अंत में दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। इसके साथ ही बैंक में नए नेतृत्व की तलाश शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। करीब 35 वर्षों का अनुभव रखने वाले अशोक वासवानी का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण घटनाओं और चुनौतियों से भरा रहा, जिसमें बैंक ने कारोबार का विस्तार तो किया, लेकिन मुनाफे और निवेशकों को मिलने वाले प्रतिफल में अपेक्षित मजबूती नहीं दिखा सका।

इसी दौरान पश्चिम एशिया में संघर्ष भी शुरू हुआ, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी। मौजूद जानकारी के अनुसार अशोक वासवानी ने कहा था कि बैंक इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि बैंक ने इस संकट को देखते हुए कोई अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान नहीं किया, लेकिन वित्त वर्ष 2027 के दौरान लाभ के अंतर में दबाव बने रहने की संभावना जरूर जताई थी।

इन चुनौतियों के बावजूद बैंक का कुल कारोबार लगातार बढ़ता रहा। वित्त वर्ष 2024 के अंत तक बैंक की कुल परिसंपत्तियां लगभग 3.76 लाख करोड़ रुपये थीं, जो वित्त वर्ष 2025 के अंत तक बढ़कर 4.26 लाख करोड़ रुपये हो गईं। इसके बाद वित्त वर्ष 2026 के अंत तक बैंक की ऋण पुस्तिका बढ़कर 4.96 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। यानी केवल एक वर्ष में करीब 70 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच बैंक के कुल ऋण वितरण में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

बता दें कि वर्ष 2025 में स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया की 3,330 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत ऋण पुस्तिका का अधिग्रहण भी बैंक के विस्तार में सहायक साबित हुआ। वहीं बैंक की जमा राशि भी लगातार बढ़ी। वित्त वर्ष 2024 के अंत में जहां कुल जमा राशि 4.48 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जो करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

अगर मुनाफे की बात करें तो इसमें लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मार्च 2024 तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 4,133 करोड़ रुपये और शुद्ध ब्याज आय 6,909 करोड़ रुपये रही थी। इसके बाद जून 2025 तिमाही में शुद्ध लाभ बढ़कर 6,249 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि बाद की तिमाहियों में इसमें गिरावट दर्ज की गई।

मार्च 2025 तिमाही तक बैंक का शुद्ध लाभ घटकर 3,551 करोड़ रुपये रह गया, जबकि शुद्ध ब्याज आय बढ़कर 7,283 करोड़ रुपये हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार इसका प्रमुख कारण सूक्ष्म वित्त और बिना गारंटी वाले खुदरा ऋणों के लिए अधिक प्रावधान करना तथा भारतीय रिजर्व बैंक की तकनीकी रोक का प्रभाव रहा। हालांकि वित्त वर्ष 2026 के अंत तक बैंक ने कुछ सुधार करते हुए 4,026 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और 7,875 करोड़ रुपये की शुद्ध ब्याज आय दर्ज की।

गौरतलब है कि इस दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी रही। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात वित्त वर्ष 2024 के 1.39 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 के अंत तक 1.20 प्रतिशत पर आ गया, जिसे बैंक के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

इस बीच एक्सिस सिक्योरिटीज ने अपनी एक शोध रिपोर्ट में कहा है कि कोटक महिंद्रा बैंक अब विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। संस्था का मानना है कि बैंक जोखिम प्रबंधन से समझौता किए बिना आगे तेज विकास की स्थिति में दिखाई दे रहा है।

हालांकि शेयर बाजार में बैंक का प्रदर्शन उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कमजोर रहा। बैंक का मूल्यांकन अनुपात अभी भी एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक से अधिक है, लेकिन जनवरी 2024 से जून 2026 तक बैंक के शेयरों ने केवल लगभग 10 प्रतिशत का प्रतिफल दिया। इसी अवधि में आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों ने करीब 40 प्रतिशत और कुछ मध्यम आकार के निजी बैंकों, जैसे फेडरल बैंक तथा साउथ इंडियन बैंक, ने इससे भी बेहतर प्रतिफल दिया। हालांकि कोटक महिंद्रा बैंक ने एचडीएफसी बैंक के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया, जिसके शेयरों में इसी अवधि के दौरान लगभग पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मौजूद जानकारी के अनुसार अब बैंक के अगले प्रमुख के सामने केवल कारोबार बढ़ाना ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा मजबूत करना और बेहतर प्रतिफल देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। मीडिया रिपोर्टों में बैंक के सीनियर अधिकारियों परितोष कश्यप और अनुप साहा को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जा रहा हैं।

प्रमुख खबरें

Share Market ने रचा इतिहास! 5.05 ट्रिलियन डॉलर Market Cap के साथ भारत टॉप-5 में हुआ शामिल

HDFC Bank के CEO जगदीशन को Board की हरी झंडी, अब RBI की मंजूरी पर टिकी निगाहें

कौन हैं Lt General Dhiraj Seth, जिन्हें मिली Indian Army की कमान? जानें 39 साल का बेमिसाल सफ़र

Yasin Malik पर कसा शिकंजा: 36 साल पुराने Sarla Bhat रेप-मर्डर केस में JKLF चीफ पर चार्जशीट