By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस साल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित चार जिलों के अपने ग्राहकों को छूट प्रदान करने के लिए तथा दावों के शीघ्र निपटान के लिए बीमा कंपनियों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से संपर्क करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि घरों, पशुओं आदि को हुए नुकसान का आकलन जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है और सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि मरम्मत के लिए धन जल्द से जल्द वितरित किया जाए। यह घोषणा मुख्यमंत्री के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि चार जिलों में सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को ऋण चुकाने के लिए छह महीने की मोहलत दी जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘शिवसागर, चारियादेव, जोरहाट और गोलाघाट के चार जिलों के लिए, हम उनसे अनुरोध करेंगे कि वे स्वयं दावे एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द निपटाएं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन चार जिलों के कर्जदारों को मोहलत देने और ऐसे लाभ देने के अनुरोध के साथ 5 अगस्त को एनबीएफसी के साथ भी बैठक करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह बैंकों ने कल उनके साथ हमारी बैठक के बाद ऋण पर छह महीने की मोहलत या ऋण चुकाने की अवधि बढ़ा दी है, हम एनबीएफसी से भी इसी तरह का लाभ प्रदान करने का आग्रह करेंगे।’’ शर्मा ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में मकानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और एक या दो दिन के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, ताकि अंतरिम राहत के रूप में प्रति परिवार 15,000 रुपये का वितरण अगस्त में ही किया जा सके।