जेटली का विपक्ष पर हमला, कहा- चुनावी फायदे के लिए गढ़े जा रहे झूठे मुद्दे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 17, 2019

नयी दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष पर नीरव मोदी, राफेल और बालाकोट हवाई हमले से जुड़े झूठे मुद्दे गढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण से इन मुद्दों को हटा दिया जाये तो फिर शायद उनके पास बोलने के लिये कुछ भी नहीं बचेगा। जेटली ने अपने ‘एजेंडा- 2019’ ब्लाग की छठी कड़ी में शनिवार को विपक्ष के आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया। विपक्ष राफेल, नीरव मोदी घोटाला, विजय माल्या, नोटबंदी, पुलवामा आतंकी हमले को लेकर लगातार सरकार पर आरोप लगाता रहा है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘यदि इन झूठे मुद्दों को राहुल गांधी के भाषण से हटा दिया जाये तो उसमें फिर शायद कुछ भी नहीं बचेगा। विपक्ष की स्थिति काफी दयनीय है।’’ विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ वास्तविक मुद्दों का टोटा है। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष को सरकार के खिलाफ झूठे मुद्दे गढ़ने पड़ रहे हैं क्योंकि उसके पास कोई वास्तविक मुद्दा है ही नहीं। वास्तव में विपक्ष मतदाताओं के विवेक को कम करके आंकता है। मुझे पूरा भरोसा है कि मतदाता देश की इन विपक्षी पार्टियों को उचित जवाब देगा और उन्हें उनकी सही स्थिति से रूबरू करायेगा।’’

इसे भी पढ़ें: मोदी सरकार काम करने में रही विफल, गहलोत बोले- उपलब्धियां भी जीरो

राफेल लड़ाकू विमान के बारे में उठाये जा रहे मुद्दों को लेकर जेटली ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और कैग दोनों ने सौदे को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि राफेल सौदे की 2007 की कीमत से तुलना करें तो सरकार ने खजाने के हजारों करोड़ रुपये बचाये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सारी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और सरकार ने किसी घरेलू उद्योगपति को एक रुपये का भी फायदा नहीं पहुंचाया है। राफेल भारत में बनाया ही नहीं जाना है। उच्चतम न्यायालय इस पहलू का अच्छी तरह परीक्षण कर चुका है और इसे सही ठहरा चुका है। नीरव मोदी को लेकर विपक्ष के आरोपों के बारे में जेटली ने कहा कि उसने 2011 से ही बैंकों को ठगना शुरू कर दिया और तब संप्रग की सरकार थी। उसके अपराध को मौजूदा सरकार और इसकी एजेंसियों ने 2018 में पकड़ा। उसकी सारी संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं, सुनवाई के लिये आपराधिक मामले दर्ज किये गये हैं और उसे वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गयी है। वित्तमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ संपत्तियों की नीलामी की जा रही है। यह महज कुछ ही समय की बात है उसे यहां सजा भुगतने के लिये वापस ले आया जाएगा। देश को ठगने वाला कोई भी बच नहीं सकता है।’’ जेटली ने कहा कि भगोड़े विजय माल्या और उसकी कंपनी को भी जब कर्ज दिये गये तब संप्रग की सरकार थी। यहां तक कि 2010 में बैंकों को माल्या के एनपीए के दोबारा पुनर्गठन करने के निर्देश दिये गये। इसे साबित करने के दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसी पुनर्गठन के कारण के कारण उसके खाते का नियमन हुआ और वह बैंकों को भुगतान नहीं करने में सक्षम हुआ। वह भाग गया। उसके खिलाफ संप्रग द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। राजग सरकार ने उसके खिलाफ सिविल और आपराधिक मुकदमे दायर किये और प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने में सफलता हासिल की है।’’ उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ एक याचिका पर ब्रिटेन में अभी सुनवाई चल रही है।

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस प्रवक्ता ने Modi का मतलब मसूद, ओसामा, दाऊद, ISI बताया, दर्शकों ने कहा- शेम-शेम

जेटली ने केंद्र सरकार से संस्थानों को खतरा होने के विपक्ष के आरोपों को भी खारिज कर दिया।उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविक तथ्य इसके ठीक उलट हैं। यह विपक्ष ही है जिसने उनके पक्ष में फैसला नहीं देने की संभावना वाले न्यायधीशों पर दबाव बनाया और उन्हें धमकाया। यहां तक कि वे देश के पूर्व मुख्य न्यायधीश के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लेकर आये। यही नहीं सरकार की सत्ताधारी पार्टी ने जहां चुनाव आयोग का पूरी तरह सम्मान किया वहीं विपक्ष ने आयोग के खिलाफ आरोप उछाले।’’ जेटली ने देश की अर्थव्यवस्था के बदहाल होने की बातों को भी नकार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर दुनिया की सबसे तेजी से वृद्धि करती अर्थव्यवस्था बुरी स्थिति में नहीं हो सकती है। हमारे वृहद आर्थिक आंकड़े पहले की तुलना में सबसे अच्छे हैं। हमारा राजकोषीय घाटा और चालू खाता घाटा नियंत्रण में है। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार काफी अधिक है। हमारा राजस्व कई गुणा बढ़ा है। मंहगाई नियंत्रण में है।’’ उन्होंने ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की बातों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले ढाई दशक में दर्जनों चुनाव हुए हैं जिनमें राजनीतिक दल जीतते या हारते रहे हैं। मशीनों में कोई खामी नहीं है। खामी राजनीतिक तौर पर हारने वालों में है। ये वही मशीन हैं जिनके रहते हुए कांग्रेस पार्टी हालिया राज्यों के चुनाव में जीती है।’

प्रमुख खबरें

Rajasthan: विवाह समारोह में मिठाइयां खाने के बाद 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ी

Titan के नतीजों से Stock Market में धूम, Share रॉकेट बना, 35% बढ़ा Profit

Petrol-Diesel पर राहत की बड़ी कीमत, सरकारी Oil Companies को हर महीने ₹30 हजार करोड़ का घाटा

OpenAI विवाद में नया मोड़: Elon Musk की पार्टनर Shivon Zilis ने खोले निजी जिंदगी के पन्ने