By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 11, 2020
वडोदरा। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने शनिवार को आरोप लगाया कि दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा की घटना कुछ ‘‘आतंकवादी वामपंथी छात्रों’’ की करतूत है जो दशकों से वहां हजारों छात्रों की पढ़ाई और शोध बाधित कर रहे हैं। उन्होंने पांच जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा को “वामपंथी और उनके समर्थकों की साजिश” करार दिया। राम माधव ने आरोप लगाया, ‘‘दशकों से हजारों छात्रों को वामपंथी छात्रों के आतंक की वजह से जेएनयू में प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। जो हिंसा अभी दिखी है वह इसी का नतीजा है। कुछ आतंकवादी वामपंथी छात्र हमेशा उन हजारों छात्रों के अधिकारों को बाधित करते हैं, जो जेएनयू में पढ़ते हैं और शोध करते हैं।
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राम माधव ने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर में लोग सामान्य जीवन जी रहे हैं। वहां पर दो बड़ी पाबंदिया है। पहला, इंटरनेट पर रोक जिसे हटाने की तैयारी है। काफी हद तक मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है। वहीं हिरासत में लिए गए अधिकतर नेता बाहर हैं और मेरा विश्वास है कि सरकार बचे हुए 20-25 नेताओं को चरणबद्ध तरीके से रिहा कर देगी।’’उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर विशेष चर्चा करने की जरूरत नहीं हैं जैसा कि पहले वह देश के अन्य राज्यों की तरह नहीं था। भाजपा नेता ने कहा कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल को अशांत क्षेत्र में जाने की अनुमति देना दुनिया में जम्मू-कश्मीर के बारे में फैलाई गई भ्रांतियों को दूर करने के प्रयासों का हिस्सा है। राम माधव ने कहा, ‘‘ सभी को स्थिति के अनुरूप जाने की अनुमति दी जाएगी।’’ उन्होंने यह बात विपक्षी नेताओं को जम्मू-कश्मीर जाने की अनुमति नहीं दिए जाने के सवाल पर कही।’’