By रेनू तिवारी | Feb 05, 2026
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के संस्थापक और आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े दो स्लीपर सेल गुर्गों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से ठीक पहले दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर भड़काऊ नारे लिखने और अशांति फैलाने की कोशिशों के मामले में की गई है। ये गिरफ्तारियां एक घटना के सिलसिले में की गईं, जिसमें गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले दिल्ली में दो अलग-अलग जगहों पर विवादित और भड़काऊ बातें लिखी गई थीं, कथित तौर पर शांति भंग करने और दहशत फैलाने के लिए।
जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि पूरी साजिश कनाडा से रची गई थी। पन्नू का एक करीबी सहयोगी, जो अभी वहीं रहता है, उसने दिल्ली में इस प्लान को अंजाम देने के लिए दो लोगों - बलजिंदर और रोहित उर्फ कीरथ - को हायर किया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों को सार्वजनिक जगहों पर आपत्तिजनक मैसेज लिखने के लिए दो लाख रुपये का लालच दिया गया था। उन्होंने बताया कि बलजिंदर दिल्ली में एम्बुलेंस ड्राइवर का काम करता है और रोहित उसका साथी है।
पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन का मुख्य मास्टरमाइंड, जो तिलक नगर में रहता था, गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले कनाडा चला गया। वह सीधे पन्नू के संपर्क में था और विदेशी हैंडलर के जरिए पूरे ऑपरेशन को कोऑर्डिनेट कर रहा था। पुलिस टीमें अब पन्नू के अन्य साथियों की तलाश कर रही हैं, जिन्होंने इस बड़ी साजिश में हिस्सा लिया हो सकता है।
CNN News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, गणतंत्र दिवस 2026 से पहले, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पन्नू के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में शांति भंग करने के मकसद से धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 197, 152 और 61 के तहत दर्ज किया गया है, जो दुश्मनी को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने, भारत की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाले कृत्यों और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं। जांचकर्ता पन्नू द्वारा पहले जारी किए गए एक वीडियो की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें उसने दावा किया था कि उसके "स्लीपर सेल" ने दिल्ली के रोहिणी और डाबरी इलाकों में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाए थे। पुलिस चल रही जांच के तहत इन दावों की सच्चाई की पुष्टि कर रही है।