By Ankit Jaiswal | Feb 06, 2026
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड आधिकारिक रूप से T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पुष्टि की है कि हैमस्ट्रिंग इंजरी से उबरने के लिए उनके पास अब पर्याप्त समय नहीं बचा है।
गौरतलब है कि इससे पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने संकेत दिए थे कि हेज़लवुड टूर्नामेंट के शुरुआती कुछ मैच मिस करेंगे और सुपर-8 चरण से टीम से जुड़ सकते हैं। हालांकि मौजूद जानकारी के अनुसार मेडिकल और फिटनेस अपडेट्स उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिसके बाद चयनकर्ताओं को यह कठिन फैसला लेना पड़ा।
चयन समिति के सदस्य टोनी डोडेमेड ने बताया कि टीम प्रबंधन हेज़लवुड की वापसी को लेकर आशावादी था, लेकिन मौजूदा हालात में उनका रिहैबिलिटेशन तेज़ करना जोखिम भरा हो सकता था। इसी वजह से उन्हें टूर्नामेंट से बाहर रखने का निर्णय लिया गया।
यह चोट हेज़लवुड को एशेज 2025-26 से ठीक पहले लगी थी, जिसके चलते वह पूरी टेस्ट सीरीज़ नहीं खेल सके थे। उस दौरान भी उम्मीद जताई जा रही थी कि वह कम से कम एक टेस्ट में वापसी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह नुकसान इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि पहले ही पैट कमिंस स्ट्रेस इंजरी के चलते टूर्नामेंट से बाहर हैं। ऐसे में तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण की जिम्मेदारी अब ज़ेवियर बार्टलेट और बेन ड्वार्शुइस पर अधिक आ गई हैं, जो फिलहाल फिट फ्रंटलाइन पेसर माने जा रहे है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने साफ किया है कि हेज़लवुड के रिप्लेसमेंट का ऐलान अभी नहीं किया जाएगा। टीम प्रबंधन का मानना है कि शुरुआती मैचों के लिए स्क्वॉड संतुलित है और जरूरत पड़ने पर बाद में फैसला लिया जाएगा।
हालिया फॉर्म को देखते हुए सीन एबॉट एक मजबूत विकल्प के तौर पर सामने हैं। वह हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर गई ऑस्ट्रेलियाई T20I टीम का हिस्सा थे और जरूरत पड़ने पर उन्हें बुलाया जा सकता है।
हेज़लवुड का बाहर होना ऑस्ट्रेलिया की खिताबी उम्मीदों को प्रभावित कर सकता है, खासकर जब उपमहाद्वीपीय हालात में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। IPL 2025 में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 22 विकेट लेकर खिताबी अभियान में अहम भूमिका निभाई थी।
ऑस्ट्रेलिया अपना वर्ल्ड कप अभियान 11 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ शुरू करेगा और ग्रुप चरण में उसे जिम्बाब्वे, श्रीलंका और ओमान से भी मुकाबला करना है, जहां तेज़ गेंदबाज़ों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।