पैरालंपिक में गोल्ड जीतने के बाद अवनि लेखरा बोलीं, ऐसा लग रहा है जैसे दुनिया में शीर्ष पर हूं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 30, 2021

तोक्यो।अवनि लेखरा को 2012 में एक कार दुर्घटना में घायल होने के कारण व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ा लेकिन सोमवार को पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने के बाद उन्हें लगता है कि जैसे कि वह दुनिया में शीर्ष पर हैं। अवनि ने एक बार में केवल एक शॉट पर ध्यान दिया और महिलाओं की आर-2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में पहला स्थान हासिल करके स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकती। मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कि मैं दुनिया में शीर्ष पर हूं। इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ’’

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छह साल पहले निशानेबाजी में उतरने के बाद उन्होंने पीछे मुडकर नहीं देखा और इस खेल का पूरा लुत्फ उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं राइफल उठाती हूं तो मुझे उसमें अपनापन लगता है। मुझे उसके प्रति जुड़ाव महसूस होता है। निशानेबाजी में आपको एकाग्रता और निरंतरता बनाये रखनी होती है और यह मुझे पसंद है।’’ अवनि ने निशानेबाजी से जुड़ने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘वह 2015 की गर्मियों की छुट्टियों की बात है जब मेरे पिताजी मुझे निशानेबाजी रेंज में ले गये थे। मैंने कुछ शॉट लिये और वे सही निशाने पर लगे। मैंने इसे एक शौक के रूप में शुरू किया था और आज मैं यहां हूं।’’ अवनि मिश्रित 10 मीटर एयर राइफल प्रोन एसएच1, महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन एसएच1 और मिश्रित 50 मीटर राइफल प्रोन में भी हिस्सा लेंगी। एसएच1 राइफल वर्ग में वे निशानेबाज शामिल होते हैं जो हाथों से बंदूक थाम सकते हैं लेकिन उनके पांवों में विकार होता है। इनमें से कुछ एथलीट व्हील चेयर पर बैठकर जबकि कुछ खड़े होकर प्रतिस्पर्धा में भाग लेते हैं।

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