कोविड-19 के उपचार में विदेशी दवाओं पर ज्यादा निर्भरता से बचें : बंबई उच्च न्यायालय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 08, 2021

मुंबई। आयातित दवाओं पर अत्यधिक निर्भरता से बचने की सलाह देते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वे विदेशी उत्पादकों की दवाओं जैसे- टोसिलीजुमैब, के उचित विकल्प के बारे में जागरूकता पैदा करने को कहा है, जिनका इस्तेमाल कोविड-19 के उपचार में किया जा सकता है। मख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की एक पीठ ने कहा कि टोसिलीजुमैब की कमी को देखते हुए, सरकार को नागरिकों को यह बताना चाहिए कि इसके बजाए कौन सी अन्य स्थानीय स्तर पर उत्पादित, सस्ती और व्यापक रूप से उपलब्ध दवाएं हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने उद्धव ठाकरे से बात की

अदालत ने कहा, “आयातित दवाओं पर अत्यधिक निर्भरता से बचा जाना चाहिए और सभी संबंधितों को अवगत कराया जाना चाहिए कि वे उपचार कर रोगियों को ठीक करें तथा जीवन रक्षक दवाओं से लाभ न कमाएं।” उच्च न्यायालय ने यह आदेश छह मई को पारित किया था लेकिन उसकी वेबसाइट पर यह शुक्रवार रात को उपलब्ध कराया गया।

प्रमुख खबरें

NSE IPO से पहले एंकर निवेशकों से जुटाए 6,746 करोड़ रुपये, LIC और Goldman Sachs ने लगाया पैसा

Rishabh Pant को मिली Rest of India की कप्तानी, J&K के खिलाफ श्रीनगर में Irani Cup मैच

PM Modi ने Semiconductor CEOs के साथ की बैठक, उभरती तकनीकों में भारत को अग्रणी बनाने पर दिया जोर

Asian Champions Trophy 2026: Pakistan ने भारत में खेलने से किया इनकार, मांगा Neutral Venue