Patanjali Ads Case: बाबा रामदेव ने मांगी माफी, SC ने कहा- आप इतने भी भोले नहीं, कोर्ट में आज की सुनवाई में क्या-क्या हुआ, आइए जानते हैं…

By अभिनय आकाश | Apr 16, 2024

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण को फटकार लगाते हुए भ्रामक विज्ञापन मामले में सार्वजनिक माफी मांगने के लिए एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि वह उन्हें छूट नहीं दे रहा है। सुनवाई के दौरान रामदेव और बालकृष्ण दोनों उपस्थित थे और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफ़ी मांगी। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने उनकी माफी पर ध्यान दिया, लेकिन बालकृष्ण से कहा कि आप अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन आप एलोपैथी को नीचा नहीं दिखा सकते।

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क्या है पूरा मामला

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के सह-संस्थापक रामदेव ने गलतियों के लिए बिना शर्त माफी मांगी, और कहा कि उस समय हमने जो किया वह सही नहीं था। हम भविष्य में इसके प्रति सचेत रहेंगे। अपने उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों के संबंध में पतंजलि आयुर्वेद, रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना ​​मामले की सुनवाई कर रहा था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा पतंजलि और उसके संस्थापकों द्वारा कोविड-19 टीकाकरण अभियान और आधुनिक चिकित्सा के खिलाफ चलाए गए कथित बदनामी अभियान के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी।

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SC ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति कोहली ने कहा कि यह गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। आपका पिछला इतिहास नुकसानदेह है। हम इस पर विचार करेंगे कि आपकी माफी स्वीकार की जाए या नहीं।

पीठ ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि हम तुम्हें माफ कर देंगे। हम आपके पहले के इतिहास से अनभिज्ञ नहीं रह सकते; हम आपकी माफ़ी के बारे में सोचेंगे. आप इतने भी मासूम नहीं हैं कि आपको अदालत में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी ही नहीं थी।

न्यायमूर्ति कोहली ने कहा कि वे अपने विज्ञापनों में विशिष्ट बीमारियों के इलाज का दावा नहीं कर सकते और दवाओं को बीमारियों के विशिष्ट इलाज के रूप में विज्ञापित करना अवैध है।

पीठ ने रामदेव से कहा कि विशिष्ट बीमारियों के इलाज के लिए दवाओं के विज्ञापन की अनुमति नहीं है। न तो कोई डॉक्टर, न ही फार्मेसी ऐसा कर सकती है। ऐसा करना गैरजिम्मेदाराना है।

न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने कहा कि प्रत्येक नागरिक कानून से बंधा हुआ है और वे अपने उत्पादों का प्रचार करते समय एलोपैथी को नीचा नहीं दिखा सकते। न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने कहा कि आपकी माफ़ी आपके दिल से नहीं आ रही है।

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