By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 22, 2020
मुंबई। शिवसेना ने बुधवार को कहा कि राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास समारोह से पहले बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला खारिज होना राम जन्मभूमि आंदोलन के “शहीदों” को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘‘सामना” में एक संपादकीय में कहा, “जब आप स्वीकार करते हैं कि (मुगल शासक) बाबर आक्रमणकारी था तो बाबरी मामले का कोई मतलब नहीं रह जाता है।” इसमें कहा गया कि राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय द्वारा फैसला सुनाए जाने के बावजूद, सीबीआई ने अदालत में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले को जारी रखा हुआ है और “राम जन्मभूमि आंदोलन के नेता” लालकृष्ण आडवाणी मामले में एक आरोपी के तौर पर पेश होते हैं।
शिवसेना ने कहा कि जिस दिन बाबरी मस्जिद गिराई गई थी, उस दिन विश्व ने कई “योद्धाओं’ के चेहरे डर से काले पड़ते देखे थे। शिवसेना ने दावा किया, “तत्कालीन भाजपा उपाध्यक्ष सुंदर सिंह भंडारी ने कहा था कि यह हमने यह नहीं किया, यह शिवसेना का काम है।” उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना ने कहा, “इसपर, दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने गरजते हुए कहा था कि अगर उनके सैनिकों ने यह किया भी है, तो उन्हें उनपर गर्व है।” अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ‘कार सेवकों’ ने छह दिसंबर, 1992 को गिरा दिया था। उनका दावा था कि प्राचीन राम मंदिर उसी स्थल पर बना हुआ था। आडवाणी और भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी उस वक्त राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।