चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर बोले बाबूलाल मरांडी, अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है

By अंकित सिंह | Aug 19, 2024

चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बीच झारखंड बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को कहा कि अभी तक ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चंपई मंझे हुए राजनेता हैं और अपना रास्ता खुद तय करेंगे। मरांडी ने कहा, "चंपई सोरेन से अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है। वह एक अनुभवी राजनेता हैं और अलग झारखंड आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। वह खुद अपना रास्ता तय करेंगे।" चंपई की पोस्ट के बारे में बात करते हुए मरांडी ने कहा कि इससे पता चलता है कि वह काफी आहत हुए हैं। जिस तरह से उन्हें सीएम पद से हटाया गया, उससे वह अपमानित महसूस कर रहे हैं। 

उनकी एक्स पोस्ट दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद आई, जब पार्टी सुप्रीमो और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा में संभावित बदलाव की अटकलों के बीच भगवा पार्टी पर विधायकों को "खरीदने" और "समाज को विभाजित करने" का आरोप लगाया। इससे पहले चंपई सोरेन ने ‘एक्स’ पर लिखा कि इतने अपमान एवं तिरस्कार के बाद मैं वैकल्पिक राह तलाशने के लिए मजबूर हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में उन्हें बताए बगैर पार्टी नेतृत्व ने अचानक उनके सारी सरकारी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। चंपई सोरेन ने कहा कि पूछने पर पता चला कि गठबंधन द्वारा तीन जुलाई को विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई है और मुझसे कहा गया कि तब तक आप मुख्यमंत्री के तौर पर किसी कार्यक्रम में नहीं जा सकते।

इसे भी पढ़ें: अभी हम जहां हैं, वहीं पर हैं... BJP में शामिल होने की अटकलों के बीच Champai Soren ने बताई अपने दिल्ली आने की वजह

उन्होंने सवाल किया कि क्या लोकतंत्र में इससे अधिक अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करवा दे? चंपई सोरेन ने दावा किया कि कहने को तो विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है, लेकिन मुझे बैठक का एजेंडा तक नहीं बताया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान मुझसे इस्तीफा मांगा गया। मैं आश्चर्यचकित था, लेकिन मुझे सत्ता का मोह नहीं था, इसलिए मैंने तुरंत इस्तीफा दे दिया, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट से दिल भावुक था। उन्होंने लिखा कि भावुक होकर वह आंसुओं को संभालने में लगे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन उन्हें (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम लिये बिना उनका हवाला देते हुए) सिर्फ कुर्सी से मतलब था। मुझे ऐसा लगा, मानो उस पार्टी में मेरा कोई वजूद ही नहीं है, कोई अस्तित्व ही नहीं है, जिसके लिए हमने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। 

प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar में Police Encounter के बाद दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार, एक को लगी गोली

Shubman Gill ने रचा इतिहास, Kapil Dev को पछाड़कर बने 3000 Test Runs बनाने वाले चौथे सबसे युवा भारतीय

AIADMK नेता Palaniswami ने बारिश से बर्बाद फसल पर 30 हजार रुपये मुआवजे की मांग की

Rishikesh में Jagga समेत गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार, जबरन वसूली का था आरोप