Bal Thackeray Death Anniversary: महाराष्ट्र की सियासत के कंट्रोलर रहे बाल ठाकरे, इशारों पर घूमती थी राजनीति

By अनन्या मिश्रा | Nov 17, 2025

महाराष्ट्र की राजनीति में एक ताकतवर नेता के रूप में प्रसिद्ध बाल ठाकरे का 17 नवंबर को निधन हुआ था। बाल ठाकरे की छवि एक कट्टर हिंदू नेता के रूप में थी। इस कारण बाल ठाकरे को हिंदू सम्राट भी कहा जाता है। एक दौर था, जब महाराष्ट्र की राजनीति में बाल ठाकरे की तूती बोलती थी। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर चाहे कोई भी बैठा, लेकिन बाल ठाकरे अपना वर्चस्व हमेशा कायम रखते थे। वह अपनी मुखरता के लिए जाने जाते थे। बाल ठाकरे कुछ भी कहने से संकोच नहीं करते थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर बाल ठाकरे के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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राजनीतिक सफर

साल 1966 में बाल ठाकरे ने शिवसेना नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई। वामपंथी पार्टियों के खिलाफ खड़ी की गई शिवसेना ने मुंबई में मजदूर आंदोलनों को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह वो दौर था, जब बाल ठाकरे को दो झटके लगे। साल 1996 में बाल ठाकरे की पत्नी मीना ठाकरे और बेटे बिंदुमाधव की मौत हो गई। लेकिन बाल ठाकरे ने परिस्थितियों के सामने खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया और मजबूती से खड़े रहे।

उनका राजनीतिक कद बढ़ता गया और इस दौरान भारतीय राजनीति की दक्षिणपंथी धुरी भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना स्वाभाविक दोस्त बनकर उभरीं। वहीं शिवसेना भाजपा की सबसे पहली सहयोगी पार्टी भी बनी। बता दें कि बाल ठाकरे राजनीति का वह चेहरा रहे, जिनके इर्द-गिर्द महाराष्ट्र की राजनीति करीब चार दशक तक घूमती रही। किसी के लिए नायक तो किसी के लिए खलनायक रहे बाल ठाकरे जब तक जीवित रहे, हमेशा अपनी शर्तों पर जीते रहे।

मृत्यु

वहीं 17 नवंबर 2012 को बाल ठाकरे ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।

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