By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 02, 2026
ढाका, दो नवंबर बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग के श्रमिकों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन जारी रखा। वाहनों में तोड़फोड़ और प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध किये जाने की खबरें सामने आने के बाद अधिकारियों ने अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की राजधानी ढाका के मीरपुर, आशुलिया, गाजीपुर और नारायणगंज इलाकों में कानून प्रवर्तन कर्मियों के साथ झड़पें हुईं।
बीजीएमईए के अनुसार, बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग में 40 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं और यह देश की निर्यात आय का एक प्रमुख स्रोत है। चीन के बाद बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा परिधान निर्यातक देश है। वित्त वर्ष 2025-26 में उसका परिधान निर्यात 38.70 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा।
बांग्लादेश के परिधान उत्पादों का निर्यात 150 से अधिक देशों में किया जाता है। रविवार को सरकार द्वारा वेतन संरचना की समीक्षा करने और उसमें संशोधन की सिफारिश करने के लिए एक वेतन बोर्ड गठित करने की घोषणा के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहे। इस बोर्ड की अध्यक्षता वरिष्ठ जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख अशफाकुर रहमान करेंगे।
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने सोमवार को आरोप लगाया कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की फिलहाल भंग हो चुकी अवामी लीग पार्टी से जुड़े कुछ कपड़ा कारखानों के मालिक भी अशांति भड़काने में भूमिका निभा रहे हैं। अहमद ने अपने कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अवामी लीग की राजनीति से जुड़े कारखाना मालिक भी अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व सांसद भी इसमें शामिल हैं।’’ गाजीपुर के उपायुक्त मोहम्मद नुरुल करीम भुइयां ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में ‘बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश’ (बीजीबी) के जवानों की 10 टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने गाजीपुर के औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरने वाले ढाका-टांगाइल राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया और पुलिस की तीन वैन समेत कई अन्य वाहनों में आग लगा दी। इनके अनुसार, इन झड़पों में बीजीबी के कम से कम दो जवानों और पत्रकारों समेत कई लोग घायल हो गये। प्रदर्शनकारियों ने रविवार को राजधानी में एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया था, गाजीपुर में एक पुलिस बूथ में आग लगा दी और ढाका-टांगाइल राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था।
इसके बाद अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस की मदद के लिए बीजीबी के जवानों को तैनात किया था। खबरों के अनुसार, रविवार को हुई झड़पों में लगभग 15 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 50 लोग घायल हो गये थे। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने स्थिति पर चर्चा करने के लिए रविवार शाम गृह मंत्री, श्रम मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ आपात बैठक की थी।