By एकता | Feb 15, 2026
बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रीय चुनावों में शानदार जीत के बाद अब एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होने जा रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रमुख नेता तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस अवसर को और भी महत्वपूर्ण बनाने के लिए बांग्लादेश की नई सरकार ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का आधिकारिक निमंत्रण भेजा है, जो दोनों देशों के बीच भविष्य के राजनयिक संबंधों की दृष्टि से अत्यंत अहम माना जा रहा है।
बांग्लादेश की नई सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया है। हालांकि, भारत ने अभी तक इस न्योते की पुष्टि नहीं की है और न ही पीएम मोदी के वहां जाने पर कोई फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के इस कार्यक्रम में शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने भारत समेत कुल 13 देशों को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया है। इन देशों में चीन, सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं। यह समारोह दोनों देशों के बीच रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इन चुनावों में बीएनपी ने 297 सीटों में से 209 पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वहीं, उनकी सहयोगी मानी जाने वाली पार्टी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिली हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी 'अवामी लीग' को इस बार चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी। इस चुनाव में कुल 59.44% मतदान हुआ, जिसके बाद जियाउर रहमान द्वारा बनाई गई पार्टी दो दशक बाद सत्ता में वापसी कर रही है।
चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान से फोन पर बात की और उन्हें जीत की बधाई दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने बांग्लादेश की जनता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए अपना समर्थन दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत अपने पड़ोसी देश की शांति और प्रगति के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। साथ ही, उन्होंने विकास के लक्ष्यों को मिलकर पूरा करने की इच्छा जताई।
जीत के बाद भारत के साथ रिश्तों पर बोलते हुए तारिक रहमान ने साफ किया कि बांग्लादेश के 'हित' ही उनकी विदेश नीति का आधार होंगे। उन्होंने कहा कि वह भारत, चीन और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के साथ बराबरी और संतुलन का रिश्ता रखना चाहते हैं। रहमान के मुताबिक, वे किसी भी देश को 'मास्टर' नहीं मानते और दक्षिण एशिया में शांति के लिए भारत के साथ रचनात्मक तरीके से काम करने को तैयार हैं।