By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 26, 2026
बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में 2,310 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 1,633 करोड़ रुपये के मुकाबले 41 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने कहा कि मुख्य आय में सुधार और फंसे कर्ज में कमी से उसका मुनाफा बढ़ा है। बैंक ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी ब्याज आय बढ़कर 8,607 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 7,128 करोड़ रुपये थी।
उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) एक साल पहले के 1.82 प्रतिशत से बढ़कर 2.02 प्रतिशत हो गया। पूरे वित्त वर्ष के लिए आरओए का अनुमान 1.85 प्रतिशत है। सक्सेना ने बताया कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रियायती अदला-बदली सुविधा के तहत 82 करोड़ अमेरिकी डॉलर और मध्यम अवधि के नोट (एमटीएन) कार्यक्रम के जरिये 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए।
उन्होंने कहा कि बैंक ने कुल मिलाकर 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं, जिनका इस्तेमाल कर्ज की तेज वृद्धि को समर्थन देने के लिए किया जाएगा। आरबीआई की सुविधा के तहत जुटाई गई राशि के इस्तेमाल की स्पष्ट योजना है। सितंबर, 2026 के अंत में बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) कुल कर्ज के 1.25 प्रतिशत पर आ गईं, जो एक साल पहले 1.72 प्रतिशत थीं।
इसी तरह, शुद्ध एनपीए घटकर 0.12 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल समान अवधि में 0.18 प्रतिशत था। बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात सितंबर, 2025 के 98.34 प्रतिशत से बढ़कर 98.53 प्रतिशत हो गया। वहीं, पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी बढ़कर 18.51 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 18.13 प्रतिशत था।
सितंबर, 2026 के अंत में बैंक का कुल कारोबार 25 प्रतिशत बढ़कर 7,05,766 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, कुल जमा में चालू खाता बचत खाता (सीएएसए) जमा की हिस्सेदारी घटकर 46.47 प्रतिशत रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के अंत में 50.35 प्रतिशत थी।