By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 08, 2021
मुंबई। रिजर्व बैंक ने बुधवार को बैंकों और गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से कहा कि वह कर्जदारों से पिछले साल छह माह की रोक अवधि के दौरान लिये गये ब्याज पर ब्याज की वापसी.. समायोजन के लिये अपने निदेशक मंडल से मंजूरी प्राप्त नीति को तुरंत लागू करें। रिजर्व बैंक ने पिछले महीने अपने एक फैसले में रोक अवधि के दौरान ब्याज पर ब्याज लेने से रोक लगा दी थी।शीर्ष अदालत के इसी निर्णय के अनुपालन को लेकर रिजर्व बेंक ने बैंकों से रिफंड नीति बनाने को कहा। रिजर्व बैंक ने पिछले साल कोविड- 19 महामारी के दौरान कर्जदारों को राहत पैकेज देते हुये उनकी कर्ज किस्त के भुगतान पर रोक लगा दी थी।कर्जदारों को पहले एक मार्च से लेकर 31 मई तक और फिर इस रोक को तीन महीने और बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया था।
उच्चतम न्यायालय ने 23 मार्च 2021 को दिये अपने फैसले में कहा था कि छह माह की रोक अवधि के दौरान कोइ्र भी दंडात्मक अथवा चक्रवृद्धि ब्याज नहीं लिया जाना चाहिये।बैंकों और संस्थानों ने जो भी ब्याज पहले ही वसूल लिया है उसे रिण खाते की अगली किस्त में समायोजित कर दिया जाये अथवा रिफंड किया जाना चाहिये।