बैटल ग्राउंड मतलब, जबरदस्त गेमिंग एक्सपीरियंस

By मिथिलेश कुमार सिंह | Jul 01, 2021

पब जी मोबाइल गेम ने जैसी पॉपुलैरिटी बटोरी, उतनी लोकप्रियता किसी अन्य मोबाइल गेम को हासिल नहीं हो सकी।

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गेमिंग की दुनिया अपने आप में बेहद दिलचस्प है, और इसने एक बड़ी मार्केट भी क्रिएट कर ली है। शायद ही ऐसा कोई बच्चा होगा, जो स्मार्टफोन चला सकता हो, और उसको तमाम मोबाइल गेम्स के बारे में न पता हो। यहाँ तक कि छोटे से छोटे बच्चे, जो ठीक से नंबर-काउंटिंग तक नहीं जानते, उन तक में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह रहता है। चूंकि चीन से हुए सीमा विवाद के बाद पब्जी को इंडियन गवर्नमेंट ने बैन कर दिया, तो अब गेमिंग के शौकीनों के लिए बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया को लांच किया जा रहा है।

पबजी के पहले भी और उसके बैन होने के बाद भी कई सारे गेम लांच हुए, लेकिन इस गेम में जो लेवल 3 बैकपैक है, जो बेटर व रॉयल एक्सपीरियंस का पार्ट है, वैसा बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया में बताया जा रहा है। इसका गेमिंग एक्सपीरियंस जबरदस्त होने वाला है, और यह गेम भारत में लंबा चल सकता है। चूंकि भारतीय नियमों को पूरी तरह से मानते हुए क्राफ्टन नामक कंपनी ने इस गेम को लॉन्च किया है।

बता दें कि इस गेम के लांच से पहले प्री रजिस्ट्रेशन बहुत पहले शुरू हो चुके थे, तो इसका टीजर जबरदस्त ढंग से पहले ही पॉपुलर हो चुका है। बता दें कि दो करोड़ से अधिक यूजर्स द्वारा प्री लांच रजिस्ट्रेशन पहले ही कर लिया गया था। वैसे एक अनुमान के मुताबिक, बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया का पहले बीटा वर्जन लांच किया जाएगा, जो गेम की फाइनल  लांच से तुरंत पहले का वर्जन है।

अभी यह एंड्रॉयड यूजर्स के लिए लांच हो रहा है, वही आईओएस यूजर्स के लिए यह गेम कब लांच होगा, इसकी कोई सूचना, फ़िलहाल नहीं दी गई है।

हालाँकि, इस गेम (Battlegrounds Mobile India) को लेकर खबर आई थी कि 'ये भारतीय प्लेयर्स के डेटा को चीनी सर्वर पर भेज रहा है'। इसको लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि गेम को ही बैन किया जा किया जा सकता है। परन्तु इस पर कंपनी की सफाई आ गई है, और यह सजगता की निशानी भी है।

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क्राफ्टन (Krafton) जो बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया को देख रेख रहा है, उससे यूजर्स के डेटा को चीनी सर्वर पर भेजने को लेकर सफाई दी है। इस कड़ी में गेम डेवलपर ने थर्ड पार्टी को डेटा शेयर करने के पीछे कुछ गेम फीचर्स को एनेबल करने की बात कही है। क्राफ्टन ने साफ़ कहा है कि गेम के ऑफिशियल लॉन्च से पहले ऐसे किसी डेटा ट्रांसफर को कम्पनी प्रोटेक्ट करेगी, जो किसी रिस्ट्रिक्टेड आईपी (IP) एड्रेस पर जा रहे हैं। हालाँकि गेम डेवलपर क्राफ्टन ने कहा है कि वो इंडस्ट्री के सबसे कठिन डेटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड को फॉलो कर रहे हैं। ज़ाहिर तौर पर यह काफी संतोष की बात कही जा सकती है

वो इस पर काम कर रहे हैं ऑफिशियल लॉन्च से पहले अर्ली एक्सेस टेस्टिंग पीरियड के दौरान ही इन चीजों को ठीक कर लिया जाए। इसका मतलब क्राफ्टन को इस डेटा हैंडलिंग के बारे में पूरी तरह से पता है और वो बैटलग्राउंड के अर्ली एक्सेस टेस्ट के दौरान ही इसे ठीक कर लेने हेतु प्रयासरत हैं। देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस कंपनी को किस स्तर की सफलता मिलती है। 

गेमिंग के शौकीनों के लिए निश्चित रूप से यह एक ट्रीट की तरह है, और इसको वह खूब इंजॉय भी कर रहे हैं।

क्या आप भी चाहते हैं बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया को देखना, समझना, तो एंड्राइड के प्ले स्टोर पर पर जाएं, और अपनी मोबाइल से Battlegrounds Mobile India सर्च करें और इसके रियल एक्सपीरियंस का आनंद उठाएं।

- मिथिलेश कुमार सिंह

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