इन आपरेटिंग सिस्टम्स में एंटीवायरस की नहीं है जरूरत, करें इंस्टॉल

इन आपरेटिंग सिस्टम्स में एंटीवायरस की नहीं है जरूरत, करें इंस्टॉल

विंडोज 10 (Windows 10) नामक ऑपरेटिंग सिस्टम सर्वाधिक पॉपुलर है, पर मुश्किल यह है कि विंडोज के ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ ना कुछ समस्याएं भी दर्ज होती रहती हैं, जैसे कि माना जाता है कि विंडोज के ऑपरेटिंग सिस्टम में वायरस आसानी से अटैक कर पाते हैं, और इसीलिए इसे कम सुरक्षित माना जाता है।

21वीं सदी में अगर दुनिया को किसी चीज ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, तो वह है कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का वह जबरदस्त मेल, जो दुनिया को बदलने में सर्वाधिक प्रभाव कारी सिद्ध हुआ है।

जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि कंप्यूटर को चलाने के लिए सॉफ्टवेयर के सेट की जरूरत पड़ती है, जिसको हम आपरेटिंग सिस्टम बोलते हैं।

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इन आपरेटिंग सिस्टम्स में माइक्रोसॉफ्ट, दुनिया का बादशाह एक लंबे समय से बना हुआ है। तकरीबन 3 दशक से भी अधिक समय से दुनिया भर के कंप्यूटरों में माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम ही इस्तेमाल होते हैं। लिनक्स और एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम में इससे अलग ज़रूर कुछ अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम्स इस्तेमाल होते हैं, लेकिन आज भी 80% से अधिक सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज का ही इस्तेमाल करते हैं।

फिलहाल विंडोज 10 (Windows 10) नामक ऑपरेटिंग सिस्टम सर्वाधिक पॉपुलर है, पर मुश्किल यह है कि विंडोज के ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ ना कुछ समस्याएं भी दर्ज होती रहती हैं, जैसे कि माना जाता है कि विंडोज के ऑपरेटिंग सिस्टम में वायरस आसानी से अटैक कर पाते हैं, और इसीलिए इसे कम सुरक्षित माना जाता है, और सुरक्षा के लिए कई लोग लाइनेक्स का ऑपरेटिंग सिस्टम भी इस्तेमाल करते हैं। चूंकि लाइनेक्स (लिनक्स - Linux) आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम 5 से 15 मिनट में इंस्टॉल हो जाते हैं और इसके लिए किसी खास ड्राइवर इंस्टॉलेशन की भी जरूरत नहीं होती है। यहाँ एक साथ ही तमाम सॉफ्टवेयर, जिनमें ग्राफिक, एडिटिंग, ऑफिस, पीडीएफ रीडर इत्यादि आते हैं, वह एक साथ ही इस्तेमाल होने के लिए एक झटके में ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ ही इंस्टॉल हो जाते हैं।

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आइए जानते हैं लिनक्स के कुछ वर्जन जो Windows10 के बदले आप इस्तेमाल कर सकते हैं...

उबुन्तु (Ubuntu) लिनक्स

जी हां! इसकी लोकप्रियता काफी है और विंडोज और मैक के ऑपरेटिंग सिस्टम के बाद इसी का नाम आता है। लाइनेक्स पर आधारित इस ऑपरेटिंग सिस्टम के तमाम सॉफ्टवेयर इनबिल्ट होते हैं, और इसमें किसी एंटीवायरस की जरूरत नहीं होती है। इसके मोडिफाइड लाइनेक्स मिंट (Linux Mint) कुबूंतू (Kubuntu), ज़ुबुन्तू (Xubuntu) इत्यादि के नाम लिए जा सकते हैं।

फेडोरा (Fedora)

यह भी लाइनेक्स बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम माना जाता है, जिसको आप अपने कंप्यूटर में उपयोग कर सकते हैं। यह भी काफी सिक्योर होता है। हालांकि सामान्य यूजर्स की बजाय, इसे कंप्यूटर डेवलपर ही आधिक प्रयोग में लाते हैं।

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ख़ास बात यह है कि अगर आपने उबुन्तु नामक ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टाल किया है तो इसे बड़ी आसानी से समझ जायेंगे और इसका उपयोग भी उतनी ही आसानी से कर सकेंगे।

एलिमट्री ऑपरेटिंग सिस्टम (Elementary OS)

अगर आप एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम को पसंद करते हैं, तो इससे मिलते-जुलते एलिमेंट्री ऑपरेटिंग सिस्टम को आप इंस्टॉल कर सकते हैं। स्पीड और परफॉर्मेंस के मामले में यह लाजवाब है, और आपको वह तमाम एसेंशियल सुविधाएं देता है जो आप किसी विंडोज टेन के ऑपरेटिंग सिस्टम में प्राप्त कर सकते हैं।

ज़ोरिन ऑपरेटिंग सिस्टम (Zorin OS)

लिनक्स का यह एक दूसरा वर्जन है, जिसे काफी पसंद किया जाता है। इसका लाइट वर्जन फ्री है, जो पुराने और नए दोनों तरह के हार्डवेयर पर आसानी से चलता है।

- मिथिलेश कुमार सिंह







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