By ईशा | Feb 23, 2017
फरवरी खत्म होते-होते लगभग हर शोरूम व दुकान पर सेल का बोर्ड टंगा नजर आने लगता है। ज्यादातर युवा ब्रांडेड कपड़े पहनना पसंद करते हैं मगर ज्यादा कीमत के कारण इसे ले नहीं पाते। सेल चाहें विंटर की हो या समर की हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। सेल में हर कपड़े पर कुछ न कुछ डिस्काउंट जरूर मिलता है। इसलिए हर सीजन में युवा सेल के इंतजार में रहते हैं। ब्रांडेड कपड़े, स्वेटर, जींस, जैकेट यहां तक कि फुटवियर को भी सेल से ही खरीदना पसंद करते हैं। अपने पॉकेट के हिसाब से इन्हें सेल में वे सारी चीजें मिल जाती हैं, जो आम दिनों में खरीदने की सोच भी नहीं पाते।
जहां तक युवतियों की बात है, वे वुलन की अच्छी वैरायटी सेल में खरीद सकती हैं। वुलन कुर्ती आम दिनों में जहां हजार रुपए से शुरू होती है वहीं सेल में यह आधे से भी कम रेट में मिल जाती हैं। महंगे स्वेटर, जैकेट, लम्बे स्वेटर की अच्छी वैरायटी सेल में कम कीमत पर मिल जाती है। आम दिनों में आप जितनी कीमत में एक या दो चीजें खरीदते हैं, वहीं सेल एक राहत लेकर आता है। महंगाई के कारण ब्रांडेड कपड़े पहनने का शौक इनके लिए सेल से ही पूरा होता है। पश्मीना शॉल की कीमत सुनकर लोग चकरा जाते हैं। इनकी शुरूआती कीमत ही छह से आठ हजार के बीच होती है। पर यही शाल सेल में दो से तीन हजार रुपए तक कम हो जाती है। जहां एक फुटवियर की बात है, तो तरह-तरह के फुटवियर आप सेल में कम कीमत पर खरीद सकते हैं।
सेल से चीजें खरीदना बेहतर तो होता है पर थोड़ी सावधानी की भी जरूरत होती है। कई दुकानदार सेल के बहाने अपना पुराना स्टॉक भी बेचने के चक्कर में रहते हैं। इसलिए हड़बड़ी में खरीदारी न करें। ध्यान रहे कि कपड़े आपकी पर्सनैलिटी और नए फैशन से मैच करने चाहिए। कई युवा हड़बड़ी में कम कीमत के फेर में ढेर सारी फालतू चीजें खरीद लेते हैं और बाद में पछताते हैं। ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए समझदारी जरूरी है।
अगर एक दुकान में चीजें पसंद न आ रही हो, तो दूसरी दुकान भी देखें। जिस सामान की जरूरत न हो, उसे न खरीदें। अपनी जरूरत के हिसाब से ही सेल से खरीदनी करनी चाहिए। छूट के चक्कर में जरूरत से अधिक खरीदना नासमझी है। फैशन हर वक्त बदलता है इसलिए वही चीज खरीदें, जिनकी जरूरत ज्यादा हो, वरना वे आउट ऑफ फैशन हो जाएंगी। कई बार सेल से कपड़े खरीदना समझदारी नहीं होती। कोई भी दुकानदार अपनी चीजों को नुकसान करके नहीं बेचता। अक्सर सेल में रखे सामानों पर पहले से ही रेट दुगने कर रखे जाते हैं मतलब जितना डिस्कांउट देना है उतनी कीमत बढ़ा के बताई जाती है। ग्राहक इसलिए खुश होते हैं कि उन्हें 20 प्रतिशत, 30 प्रतिशत यहां तक की 50 फीसद की भी छूट मिल रही है।
सेल का बाजार काफी पेचीदा है जिसे समझना हर ग्राहक के बस की बात नहीं। वह तो बस इस बात से खुश होकर सामान खरीदता है कि डिस्कांउट मिल रहा है। खुश होने से बेहतर है समझदार बनें और सोच समझ कर वही खरीदारी करें जहां बेहतर विकल्प मौजूद हो।
ईशा