By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 06, 2026
बेंगलुरु, छह अक्टूबर कर्नाटक के जयनगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से 5,698 मतदाताओं के नाम हटाने की मांग करते हुए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा करने के मामले में दो बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला सोमवार रात कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों बीएलए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं।
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या किसी नाम को सूची से हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है। शिकायतकर्ता ने बाद में मामले की जांच की और पाया कि कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े बीएलए रामकृष्ण और योगेश, ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फॉर्म-7 में जानबूझकर गलत जानकारी दी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि यह काम खास तौर पर अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के लिए राजनीतिक रूप से प्रतिकूल माने जाने वाले अन्य वर्गों के मतदाताओं को प्रभावित करने के तरीके से किया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दो अन्य नागरिकों सी. रमेश और उनकी पत्नी रूपा को इसकी जानकारी दिए बिना उनके नाम और मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया और उनके नाम पर बीएलओ के पास फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए। प्राथमिकी में कहा गया है कि कुछ फॉर्म-7 आवेदन कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर के साथ बीएलओ लोकेश के पास भी जमा किए गए थे। उनकी शिकायत के आधार पर जयनगर पुलिस ने रामकृष्ण, योगेश और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।