समुद्र तटीय पर्यटन के शौकीनों के लिये गोवा से कम आर्कषक नहीं हैं दमन दीव

By डॉ. प्रभात कुमार सिंघल | Oct 14, 2020

समुद्री तटों का सौन्दर्य, समुद्र में उठती लहरे, धूप में चाँदी सी चमकता जल, प्रकृति सौन्दर्य को निहारने के लिए आइये! आपको ले चलते हैं दमन और दीव की सैर पर। यहां आपको समुद्री तट की सुंदरता और प्राकृतिक सुषमा के साथ-साथ पुराने चर्च, किले, मंदिर और रंगबिरंगी संस्कृति भी लुभा लेंगे। भारत में अरब सागर के तट से लगे गुजरात के समीप दमन और दीव दूसरा सबसे छोटा केन्द्र शासित प्रदेश है। दमन गुजरात राज्य के वलसाड़ जिले एवं दीव गुजरात के जूनागढ़ जिले के समीप स्थित है। दमन इस राज्य की राजधानी है। इस संघीय राज्य के दो जिले मोटी दमन एवं नानी दमन हैं। दोनों जिले भारत के पश्चिमी घाट पर लगभग 700 किमी की दूरी पर स्थित हैं। राज्य में भगवान, दमनगंगा, कोलक एवं कलाई आदि नदियां बहती हैं। राज्य में कई वन्य एवं पक्षी अभ्यारण्य पाये जाते हैं। बोली की कोई समस्या नहीं है, गुजराती, हिन्दी, अंग्रेजी एवं कोकणी भाषाएं बोली जाती हैं।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में इन जगहों का लुत्फ उठाने के लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे

समुद्री आकर्षण 

राज्य के देवका बीच एवं जैमपोरे बीच, नगोओं बीच, गोमती माता, चक्रतीर्थ और खूबसूरत सनसेट सहित खूबसूरत समुद्री तट सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र हैं। लाइट हाउस, टूरिस्ट कॉम्पलेक्स, गंगेश्वर मंदिर जहां भगवान शिव पांच लिंगों में विराजते हैं, हिल्सा एक्वेरियम एवं दमनगंगा नदी आदि दर्शनीय स्थल हैं। दीव पर छह बीच हैं। दीव के बीच का नीले रंग का समुद्र आपका दिल जीत लेगा। दीव पर पुर्तगालियों द्वारा बनाए गए विशाल किलों और चर्चों को देखा जा सकता है। 

देवका बीच

सुरक्षा के मद्देनजर देवका बीच पर नहाना मना है, लेकिन आप यहां त‍ट के किनारे बैठकर इसकी खूबसूरती का आंनद ले सकती हैं। यहां दो पुर्तगाली चर्च भी हैं। ये बीच दमन से पांच किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित है। बच्चों के लिए इस बीच पर भरपूर मनोरंजन के साधन हैं, जैसे कलरफूल वॉटर फाउंटेन और मनोरंजन पार्क। बीच की पत्थर की चट्टानों पर बैठ कर आनन्द लेने का मजा ही कुछ और हॉइ। आपको यहां पर ठहरने और घूमने की सारी व्यवस्थाएं मिल जाएंगी।

जेमपोर बीच

पिकनिक स्‍पॉट के लिए फेमस ये बीच नानी दमन के दक्षिण में स्थित है। यहां से समुद्र का नजारा बेहद खुबसूरत दिखता है। पाम के ढेर सारे पेड़ों से सजा ये बीच तैराकी का शौक रखने वालों के लिए बेस्‍ट प्‍लेस है। यहां की लहराती लहर, शांत और ठंडी हवा, झूमते पेड़ और आकाश में इठलाते बादलों को निहारना एक अद्भुत अनुभव है।

गोमटीमाला बीच

सुंदर, शांत और सफेद रेत वाला ये बीच तैरने (समुद्र जहां कभी नहीं डूबेंगे आप) के लिए सुरक्षित है। ये दीव के मुख्‍य शहर से सत्‍ताइस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

इसे भी पढ़ें: उत्तर केरल में घूमने की यह हैं बेस्ट जगहें, आप भी जाएं जरूर

नागोआ बीच

इस बीच पर पाम के पेड़ों की लंबी कतार देखने को मिलती है। ये दीव से सिर्फ बीस मिनट की दूरी पर है।

चक्रतीर्थ बीच

यहां प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन होते हैं। छुट्टियां बिताने के लिए ये बीच सबसे सुंदर बीच है। इसे पश्चिमी भारत का एक शानदार पर्यटन स्‍थल कहा जाता है। यहाँ पर्यटक काफी समय व्यतीत करते हैं और समुद्री नज़रों का जी भर कर आनंद उठाते हैं।

नकभारा बीच

तैराकी और पिकनिक के लिए यह बीच विशेष रूप से पहचान बनाता है। यहां के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्‍यों का परिवेश अत्यंत ही मनोहारी और लुभावना है।

आप समुद्र, समुद्री तट और उस से बनते-उभरते खूबसूरत प्राकृतिक नज़ारों में रुचि रखते हैं, देखना चाहते हैं, अपने अवकाश को खूबसूरत पलों के साथ गुजरना चाहते हैं तो घूमने का प्‍लान बना कर दमन और दीव का रूख जरूर करें। यहाँ आ कर आपको समुंद्रीय सैर का अनूठा आनन्द प्राप्त होगा, अलग अनुभव होगा।

दमन

दमन आपके सपनों का पर्यटन स्थल हो सकता है। इसका प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटकों को अपने आकर्षण से यहाँ खींच लाता है। भारी भरकम भीड़ से दूर इसका सौन्दर्य, विविधता तथा शान्ति पर्यटकों को एक अद्भुत सम्मोहन में बाँध लेता है। दमन राज्य दमन गंगा नदी के दोनों किनारों पर फैला हुआ है। यह नदी दमन को दो भागों में विभाजित करती है। यही वह जगह है जहां पर यह नदी अरब सागर में विलीन होती है। इस नदी के दक्षिणी किनारे पर मोटी दमन और उत्तरी किनारे पर नानी दमन बसा हुआ है। नानी दमन आधुनिक आबादी वाला तथा मोटी दमन पुरानी आबादी का शहर है। मोटी दमन इतिहास प्रेमियों का आकर्षण बिंदु है, तो नानी दमन सामान्य तौर पर व्यापार यात्रियों और रोमांच प्रेमियों का मेजबान है।

इसे भी पढ़ें: ताजमहल के बाद पर्यटकों की खास पसंद खूबसूरत छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

दमन गंगा के दक्षिणी किनारे पर पुर्तगालियों ने 1559 में एक किले का निर्माण प्रारम्भ किया जो 16 वीं सदी के अन्त तक बन कर पूर्ण हुआ। बहुकोणीय किले की दीवारों पर कंगूरे नहीं है बल्कि ढ़लान बने हैं। दीवार के भीतर की ओर दीवार की ऊँचाई के बराबर जगह-जगह चबूतरे बनवाये गये हैं। किले के तीनों तरफ समुद्र एवं नदी है। यह दुर्ग 30 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला है तथा इसके दो प्रवेश द्वार एवं नौ बुर्जे हैं। किले के अन्दर भव्य ''बाम जीसस चर्च'' काष्ट शिल्प का अद्भुत नमूना है, जिसकी वेदिका में छः प्रमुख संतों की प्रतिमाएं उत्कीर्ण हैं। इस चर्च का निर्माण 1603 में कराया गया था जिसका प्रवेश द्वार भव्य स्वरूप लिये हुए है। किले में ही ''अवर लेडी ऑफ़ रोज चर्च'' भी बना है जिसका निर्माण 17 वीं शताब्दी में किया गया। बाहर से यह अत्यन्त सादगीपूर्ण नजर आता है। जबकि भीतरी भाग स्वर्णकारीगरी से अलंकृत है। अर्द्धवृत्त कक्ष को दोनों ओर से ईसाई संतों की चित्रित कहानियों से सजाया गया है। बहुरंगी छत का स्वर्णिम सौन्दर्य देखते ही बनता है। किले के दक्षिणी द्वार के समीप ''अवर लेडी ऑफ़ रिमे डियस चर्च'' का निर्माण 1607 ई. में दमन किले के राज्यपाल केप्टन रूढ़ि मेलो दि सम्पैन द्वारा करवाया गया था। दमन के यह तीनों चर्च पुर्तगाली कला का सुन्दर नमूना हैं। अब इस किले में सरकारी कार्यालय संचालित किये जाते हैं।

दमन गंगा के उत्तरी किनारे पर नानी दमन को मोटी दमन से जोड़ने वाले दांये किनारे पर संत जेराम का किला मुगलों के आक्रमण से सुरक्षा के लिए वर्ष 1614 में 20 वें वायसराय डामजेरेनिग्रे दि एज बड़ी द्वारा करवाया गया था। जेराम एक संत थे अतः उन्हीं के नाम पर किले का नामकरण किया गया। ऊँची प्राचीर, दो प्रवेश द्वार एवं तीन बुर्जों वाला यह किला 12250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बना है। प्रवेश द्वार के सामने दमन गंगा नदी बहती है। भव्य प्रवेश द्वार पर बड़ी-बड़ी मानव प्रतीमाएं एवं संत जेराम की प्रतीमा बनाई गई हैं। किले में अवर लेडीऑफ़ सी चर्च एवं एक ग्रेवयार्ड है। दमन में स्थित ये सारी जगहें आप केवल एक दिन में देख सकते हैं । आपको अपनी यात्रा एक रात और दो दिनों के हिसाब से नियोजित करनी चाहिए, ताकि आप इन स्थानों को अच्छे से देख सके और पूर्ण रूप से उन्हें समझ और जान सके।

दीव

पश्चिमी सागर के किनारे रमणिक दीव का समुद्री तट करीब 21 किलोमीटर में फैला है। खास बात यह है कि यहां का वातावरण प्रदूषण रहित एवं शांत है तथा ठंडी हवाओं का अहसास कराता है। दीव भारत के पश्चिमी तट का ठण्डी हवाओं का एक छोटा और सुन्दर द्वीप है। यहां वर्ष भर रहने वाली सुखद जलवायु प्रत्येक मौसम में इसे पर्यटन का केन्द्र बनाती है। पाषाण शिलाओं से निर्मित ''पानी कोट दुर्ग'' का आकार समुद्री जहाज की तरह होने से अत्यन्त लुभावना लगता है। यह किला ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। किले का निर्माण गुजरात के शासक बहादुर शाह एवं पुर्तगालियों ने 1535-41 के मध्य करवाया था। किले के बीच में पुर्तगाली योद्धा ''डाम नूनो डी कुन्हा'' की कांस्य प्रतीमा स्थापित है। इसके पास ही प्रकाश स्तम्भ से पूरे दीव का नजारा देखा जा सकता है। इस दुर्ग तक पहुँचने के लिए नौका या बोट लेनी पड़ती है। दीव में वर्ष 1610 में बना ''सेन्ट पॉल चर्च'' धार्मिक व ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। दीव में कृत्रिम जम्पा झरना, नक्काशीदार पुर्तगाली चेपल, सेन्ट पॉल एवं सेन्ट थॉमस चर्च भी दर्शनीय हैं। सेन्ट थॉमस चर्च को अब संग्राहलय बना दिया गया है। माना जाता है कि यह म्यूजियम एशिया का सबसे बड़ा ऐसा म्यूजियम है जहां लगभग 2500-3000 प्रकार की सागर शैल की विशाल श्रेणियों मकड़ी, बिच्‍छु, कॉकल, मोती, सीप, जलीय शैल और अन्‍य प्रकार के शैल भी विभिन्‍न रंग, रूप, ढंग, आकार-प्रकार के है का प्रदर्शन किया गया है। साथ ही इसे दुनिया में ऐसे संग्रहालय होने का भी दावा किया जाता है जहां पर्यटकों को शैल को करीब से देखने व बारीकी से अध्‍ययन करने के लिए एक नजदीकी स्‍कैन वाला चश्‍मा प्रदान किया जाता है जिससे वह हर शैल की खासियत को देख सकें। 

यहां के सभी होटलों में आमतौर पर रेस्‍टोरेंट हैं। किदादे दमन होटल में रेस्‍टोरेंट भी है। इस रेस्‍टोरेंट में केकड़ा तथा झींगा मछली का लजीज व्‍यंजन परोसा जाता है। यहां सभी तरह का भोजन मिल जाता हैं। सैंडी रिजॉर्ट में भी खाने पीने की अच्‍छी व्‍यवस्‍था है। होटल मिरामर्स सी फूड तथा दक्षिण भारतीय भोजन के लिए प्रसिद्ध है। जजीरा उदय रेस्‍टोरेंट भी सी फूड के लिए प्रसिद्ध है।

इसे भी पढ़ें: मरीन ड्राइव से जुड़े इन अमेजिंग फैक्ट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप

यहाँ घूमने का सबसे उत्तम समय शीत ऋतु है किन्तु मानसून के समय नगर के चारों ओर पसरी हरियाली और पहुँच मार्ग अद्भुत दिखाई देते हैं। हाल ही में दमन से दीव के बीच हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रारम्भ की गयी है जिससे इन दोनों स्थानों के पर्यटन के आकर्षण में वृद्धि हुई है।मुम्बई एवं सूरत से निकटता दमन को एक सुविधाजनक पर्यटन स्थल बनाते हैं। धूप, रेत, जलक्रीड़ा तथा मस्ती भरे जीवन वाला दमन शान्ति और विश्राम के लिए उपयुक्त है।

दमन और दीव जाने के लिए हवाई सेवा और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। दमन भारत के ज्यादातर शहरों से एक मजबूत हवाई नेटवर्क से जुड़ा है। ज्यादातर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें दमन और दीव से संचालित होती हैं। दमन और दीव में कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं है और सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वापी और वेरावल में है। दमन और दीव में एक बहुत अच्छा सड़क नेटवर्क है। यह द्वीप समूह गुजरात, मुंबई और गोवा से बहुत अच्छी तरह जुड़ा है। गुजरात के कई शहरों से दमन और दीव के लिए नियमित तौर पर बसें संचालित होती हैं।

डॉ. प्रभात कुमार सिंघल

लेखक एवं पत्रकार 

प्रमुख खबरें

Kerala Government की Jyothi Scheme, प्रवासी बच्चों को Education System से जोड़ने की बड़ी पहल

Kerala Govt का मास्टरस्ट्रोक! अब Retirement पर 50% Basic Salary वाली Pension की गारंटी

America के नाक के नीचे परमाणु रिएक्टर पर मोदी का बड़ा खेल! भारत ने रच दिया इतिहास

Kerala में Kingmaker बनेगी BJP? 30 सीटों पर खास Focus, जानें 2026 का पूरा Game Plan