By एकता | Feb 22, 2026
कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दिग्गज नेता भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी छोड़ने की बड़ी वजहों का खुलासा किया है। समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में बोरा ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए और बताया कि क्यों अब उनका वहां रहना मुश्किल हो गया था।
भूपेन बोरा ने कहा कि कांग्रेस में ऐसे लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है जो असम की अस्मिता का अपमान करते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक शर्मन अली ने असम आंदोलन के शहीदों को 'डकैत' कहा था। एक अन्य विधायक ने पुजारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, फिर भी चुनाव के लिए उनके नाम की सिफारिश की गई। पार्टी के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि सत्ता में आने पर मुसलमानों के लिए 45 सीटें रिजर्व की जाएंगी।
बोरा ने गौरव गोगोई के फैसलों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके अध्यक्ष पद से हटने के बाद अमन वदूद को सोशल मीडिया हेड बनाया गया, जिन्होंने अपनी किताब में दावा किया था कि असमिया लोग यहां के मूल निवासी नहीं हैं। बोरा ने सवाल किया कि वे ऐसी टीम के साथ कैसे काम कर सकते थे जो असम के हितों के खिलाफ बात करती हो।
मुख्यमंत्री द्वारा गौरव गोगोई पर लगाए गए कथित 'पाकिस्तान कनेक्शन' के आरोपों पर बोरा ने कहा कि उन्होंने पार्टी को मानहानि का केस करने की सलाह दी थी ताकि पंचायत चुनाव में नुकसान न हो, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और कांग्रेस चुनाव हार गई। उन्होंने साफ किया कि कोर्ट क्या फैसला करेगा यह अलग बात है, लेकिन असम की जनता का फैसला उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है।
भूपेन बोरा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस को 32 साल दिए, लेकिन आज की स्थिति चिंताजनक है और असम का भला चाहने वाला कोई भी व्यक्ति अब कांग्रेस में नहीं रह सकता।