सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली भूपेश बघेल और बेटे चैतन्य को राहत, हाई कोर्ट जाने को कहा

By अंकित सिंह | Aug 04, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जाँच और गिरफ्तारी के खिलाफ मांगी गई व्यक्तिगत राहत के संबंध में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का रुख करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने उच्च न्यायालय से मामले का शीघ्र निपटारा करने का अनुरोध किया। ईडी की जाँच, गिरफ्तारी आदि की शक्तियों से संबंधित पीएमएलए प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले दोनों के संबंध में, शीर्ष अदालत की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से सर्वोच्च न्यायालय में एक नई याचिका दायर करने को कहा, जिस पर 6 अगस्त को विचार किया जाएगा।

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ईडी ने इस घोटाले में अनवर ढेबर और पूर्व नौकरशाह अनिल टुटेजा सहित कई प्रमुख लोगों को नामजद किया है। साथ ही, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा पर भी आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें कथित तौर पर नियमित रूप से रिश्वत मिलती थी। अब तक, इस मामले में 205 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की जा चुकी है। कांग्रेस पार्टी ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है और इसे "राजनीतिक प्रतिशोध की खुली कार्रवाई" करार दिया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने और छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए जाँच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

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