By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन नवंबर भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने एक बौद्ध स्तूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने यह जानकारी दी। रीजीजू ने इसके लिए प्रधानमंत्री की असाधारण दूरदृष्टि और भारत-भूटान की मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को श्रेय दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के लिए बड़े सम्मान की बात है कि 76वां अत्यंत पवित्र स्तूप माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित किया गया है। यह सम्मान उनकी असाधारण दूरदृष्टि और भारत-भूटान की मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है।’’ केंद्रीय मंत्री ने ‘ल्हाबाब डुचेन’ के अवसर पर गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में आयोजित समारोह में भी हिस्सा लिया। इस दौरान 108 स्तूपों की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की गई और इस मौके पर ‘डुंगचेन’ (पारंपरिक बौद्ध वाद्ययंत्र) भी बजाए गए।
रीजीजू ने कहा कि किसी को पवित्र स्तूप समर्पित करना कोई साधारण बात नहीं है बल्कि यह अत्यंत पुण्यकारी, शुभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने सोमवार को कहा, ‘‘बौद्ध धर्म में स्तूप केवल एक स्मारक नहीं होता है बल्कि यह बुद्ध के प्रबुद्ध मन का एक भौतिक स्वरूप है।’’ रिजिजू ने स्तूप संख्या 76 को प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित करने के लिए भूटान के राजा का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मोदी की गहरी समझ और भारत तथा भूटान के बीच की अनूठी, आध्यात्मिक और स्थायी मित्रता के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता में उनकी अहम भूमिका को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझे भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में आयोजित उस पवित्र समारोह में शामिल होने का मौका मिला, जहां ‘ल्हाबाब डुचेन’ के शुभ अवसर पर 108 स्तूपों की स्थापना और उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान ‘डुंगचेन’ (पारंपरिक वाद्ययंत्र) भी बजाए गए।’’ रीजीजू ने कहा कि उन्होंने भूटान के राजा, महारानी ग्याल्त्सुएन, प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और भूटान के लोगों की उपस्थिति में नमन किया और प्रार्थना की। उन्होंने कहा, ‘‘यह अत्यंत अर्थपूर्ण आध्यात्मिक अवसर था, जो भूटान की समृद्ध बौद्ध विरासत और दोनों देशों के बीच मित्रता के गहरे और स्थायी संबंधों को दर्शाता है।’’ रीजीजू ने कहा कि उन्हें गेलेफू में भूटान के राजा से मुलाकात करने का सौभाग्य मिला।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और हमारी अनूठी एवं स्थायी द्विपक्षीय साझेदारी के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।’’ रीजीजू ने एक नवंबर को भूटान की उस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए भी बधाई दी जिसमें 40,000 से अधिक स्वयंसेवकों, भिक्षुओं और कारीगरों ने मध्यरात्रि के बाद काम शुरू करके मात्र छह घंटों में 108 बौद्ध स्तूपों का निर्माण किया।