Trump के टैरिफ वाले खेल के बीच बड़ा धमाका, ईरान ने भारत से क्या नया ऐलान कर दिया?

By अभिनय आकाश | Aug 12, 2025

एक नई खबर सामने आई है जो न केवल कूटनीति की है बल्कि एक सच से भी जुड़ी है, जिसे अमेरिका छुपाना चाहता है। लेकिन ईरान ने खुले मंच से भारत से खड़े होकर सबके सामने पूरी दुनिया को बता दिया। दिल्ली से भारत की जमीन पर ईरान की एंबेसी का झंडा हवा में लहरा रहा है। अंदर ईरान के एबेंसडर इलाही ने जो शब्द कहे वो वाशिंगटन के पॉवर कॉरिडोर में खलबली मचाने के लिए काफी थे। भारत में ईरान के राजदूत ने साफ कहा कि अमेरिका भारत पर आरोप लगाता है कि यूक्रेन वॉर में रूस को फाइनेंस किया वहीं अमेरिका खुद इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट से दोषी ठहराए गए वॉर क्रिमिनल्स को व्हाइट हाउस बुलाता है और इजरायल को हथियार देकर गाजा में हो रहे नरसंहार में शामिल हो जाता है। यानी ईरान ने एक वॉर में अमेरिका का सबसे बड़ा पाखंड दुनिया के सामने खोल दिया। ये वो हमला है जो अमेरिका की नैतिकता और उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि पर हुआ।

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15 अगस्त को रूस और अमेरिका की महामुलाकात होने वाली है। पुतिन और ट्रंप अलास्का में मिलेंगे। इस जगह को इसलिए चुना गया क्योंकि ये है तो अमेरिका में लेकिन रूस के भी काफी नजदीक है। इसके अलावा अलास्का को चुनने की एक बड़ी वजह है कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखा है। गिरफ्तारी वारंट इटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने जारी किया था क्योंकि उसी लगता है कि पुतिन ने यूक्रेन में वॉर क्राइम किए हैं। दुनिया के 124 देश इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के सदस्य हैं। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट से सजा पाया व्यक्ति अगर इन 124 देशों में से कहीं भी पकड़ा जाता है तो उसे फौरन नीदरलैंड में स्थित इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के हेडक्वार्टर में भेजना जरूरी है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि चीन, साउथ कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और भारत समेत कई देश आईसीसी के सदस्य नहीं हैं। इसलिए पुतिन ने अमेरिका के अलास्का को चुना।  

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सोचिए एक तरफ अमेरिका भारत पर आरोप लगाता है कि हमने रूस से तेल खरीदा जिससे यूक्रेन वॉर को फंडिंग हुई। वहीं अमेरिका खुलेआम इजरायल को हथियार सप्लाई कर रहा है जबकि दुनिया देख रही है कि गाजा में मासूम लोग मारे जा रहे हैं। ये वही अमेरिका है जिसने अपने दुश्मनों के लिए एक सेट ऑफ रूल्स बनाए हैं और दोस्तों के लिए  दूसरा यानी नियम सिर्फ दूसरों के लिए खुद के लिए नहीं। 

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