लोकसभा चुनाव के बीच केजरीवाल सरकार को बड़ा झटका, मंत्री आतिशी को कोर्ट ने भेजा समन

By अंकित सिंह | May 28, 2024

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट के एसीएमएम ने दिल्ली भाजपा के मीडिया विभाग के प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर द्वारा दिल्ली की मंत्री आतिशी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने दिल्ली की मंत्री आतिशी को 29 जून को अदालत में पेश होने के लिए बुलाया है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने उत्पाद शुल्क नीति मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ दायर ईडी की पूरक चार्जशीट (अभियोजन शिकायत) पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। 

इसे भी पढ़ें: अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाए वाली याचिका पर बोले केजरीवाल, मेरा वजन बहुत गिर गया है, हो सकता है अंदर कोई...

अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेने पर आदेश सुनाने के लिए 4 जून की तारीख तय की है। आतिशी एवं अरविंद केजरीवाल द्वारा भाजपा पर आम आदमी पार्टी के विधायकों को पैसे देकर तोड़ने का आरोप लगाया था जिसके विरूद्ध में प्रवीण शंकर कपूर ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था। आतिशी को पहले उनके इस दावे के बाद भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा नोटिस दिया गया था कि पार्टी में शामिल होने के लिए एक भाजपा नेता ने उनसे संपर्क किया था और उन्हें रिश्वत दी थी। 

यह उस समय की बात है जब आतिशी उत्पाद शुल्क नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद केंद्र में आ गई थीं। दिल्ली के मंत्री ने यह भी दावा किया कि अगर वह भाजपा में शामिल होने से इनकार करती हैं तो उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किया जाएगा। ईसीआई के नोटिस में कहा गया है कि आप राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार में मंत्री और एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता हैं। मतदाता अपने नेताओं द्वारा सार्वजनिक मंच से जो कुछ भी कहा जा रहा है उस पर विश्वास करते हैं और इस अर्थ में उनके द्वारा दिए गए बयान अभियान चर्चा को प्रभावित करते हैं।

इसे भी पढ़ें: LG वीके सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना, कहा आदत ही बना लिया आपने तो केजरीवाल साहब, जिस हाल में रहना बस रोते रहना

इसमें आगे लिखा है कि यह उम्मीद की जाती है कि आपके द्वारा और कब दिए गए उपरोक्त उद्धृत बयानों का एक तथ्यात्मक आधार होना चाहिए आपके द्वारा दिए गए बयानों की सत्यता पर विवाद है तो आपको तथ्यात्मक आधार पर अपने बयानों का समर्थन करने में सक्षम होना चाहिए और जबकि मामले की जांच आदर्श आचार संहिता और प्रासंगिक चुनावी कानूनों के प्रावधानों के आलोक में आयोग द्वारा की जा रही है। 

प्रमुख खबरें

Kochi Mercedes Car Accident मामले में जज के नाबालिग बेटे की जमानत बरकरार, याचिका खारिज

UP में PMHS डॉक्टरों के लिए सुपर स्पेशियलिटी का मौका, 10 साल की सेवा अनिवार्य

Maharajganj में पुलिस और ATS का बड़ा एक्शन, 122 किलो गांजे के साथ दो तस्कर दबोचे

Titan के Jewellery और Watch सेगमेंट में तेजी से Net Profit बढ़कर Rs 2393 करोड़ पहुंचा