By अभिनय आकाश | Jul 21, 2023
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान की चौथी कक्षा बढ़ाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस महत्वपूर्ण विकास की घोषणा गुरुवार को इसरो द्वारा की गई। इसे भारत के महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अर्थ-बाउंड पेरिगी फायरिंग के रूप में जाना जाने वाले प्रैक्टिस को बेंगलुरु में इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (ISTRAC) से किया गया था। यह उपलब्धि चंद्रयान-3 को उसके अंतिम गंतव्य - चंद्रमा के करीब ले जाती है। चल रहे मिशन ऑपरेशन के हिस्से के रूप में अगली फायरिंग 25 जुलाई, 2023 को दोपहर 2 से 3 बजे IST के बीच निर्धारित की गई है।
चंद्रयान 3 अंतरिक्ष यान की पहली कक्षा उत्थान प्रक्रिया सफलतापूर्वक निष्पादित की गई। 14 जुलाई को इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम के तीसरे संस्करण को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के अज्ञात दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करना है जिससे भारत को एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल करने में मदद मिलेगी। अब तक, केवल तीन देश - संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और रूस - चंद्रमा की सतह पर उतरने में कामयाब रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, चंद्रयान 3 अंतरिक्ष यान 3 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचेगा। 23 अगस्त को चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करने की उम्मीद है।