By अभिनय आकाश | Sep 01, 2026
किर्गिस्तान के बिश्केक में हुए 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी 13 अहम नतीजों के साथ संपन्न हुई। इनमें ऐतिहासिक 'बिश्केक घोषणापत्र' को अपनाना, चार MoU और 20 से ज़्यादा फ़ैसले शामिल हैं। साथ ही, SCO की आधिकारिक भाषा के तौर पर अंग्रेज़ी को अपनाने और सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए एक नया 'यूनिवर्सल सेंटर' स्थापित करने पर भी सहमति बनी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये नतीजे भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास और कनेक्टिविटी पर अपना पक्ष रखने के लिए एक रणनीतिक मंच देते हैं और साथ ही मध्य एशिया और व्यापक यूरेशियाई क्षेत्र में भारत की भागीदारी को मज़बूत करते हैं। शिखर सम्मेलन में SCO की 25वीं वर्षगांठ पर मुख्य 'बिश्केक घोषणापत्र' को अपनाया गया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास पर सदस्य देशों का रुख और मज़बूत हुआ।
इस समिट में 2030 तक सिंथेटिक ड्रग्स और उनके प्रीकर्सर्स (कच्चे माल) के फैलाव को रोकने के उपायों में तालमेल बिठाने के लिए SCO सदस्य देशों के प्रोग्राम को भी अपनाया गया। इसका मकसद सिंथेटिक ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकना और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच कामकाज में तालमेल को बेहतर बनाना था। इसके अलावा, सरकारों ने 11 जून, 2010 के अपराध से निपटने में सहयोग के समझौते में बदलाव और नई बातें जोड़ने के लिए एक प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए, जिससे संगठित और सीमा-पार अपराधों के खिलाफ कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच तालमेल और मजबूत हुआ।