By अभिनय आकाश | Sep 01, 2026
एक तरफ इजराइल और ग्रीस के बीच करीब 3 अरब यूरोप की सबसे बड़ी डिफेंस डील हुई जिसके तहत ग्रीस को इजराइल का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम मिलने वाला है। दूसरी तरफ पाकिस्तान टर्की और सऊदी अरब ने अपने नए रक्षा गठजोड़ को आगे बढ़ाते हुए पाकिस्तान को अगले 3 साल के लिए इसकी कमान सौंप दी है। यानी एक तरफ इजराइल अपनी तकनीक के दम पर ग्रीस को मजबूत कर रहा है तो दूसरी तरफ टर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब एक साथ आकर अपना सुरक्षा कवच तैयार कर रहे हैं। इजराइल और ग्रीस ने करीब $3 अरब यूरो यानी लगभग 3.5 अरब डॉलर की एक बड़ी रक्षा डील पर हस्ताक्षर किए। इस डील के तहत इजराइल ग्रीस के लिए एक पूरा मल्टी लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम तैयार करेगा। यानी सिर्फ एक मिसाइल सिस्टम नहीं बल्कि आसमान से आने वाले अलग-अलग तरह के खतरों से निपटने के लिए कई स्तरों पर काम करने वाला सुरक्षा कवच। इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने इसे ग्रीस के साथ उसकी अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस एक्सपोर्ट डील बताया है और अपने इतिहास की भी सबसे बड़ी रक्षा डील्स में शामिल किया है।
ग्रीस और टर्की दोनों नेटो के सदस्य हैं। लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच लंबे समय से गंभीर विवाद है। एशियन सागर में सीमा और समुद्री अधिकारों से लेकर साइपरस और दूसरे मुद्दे तक दोनों देशों के बीच तनाव रहा और यही वजह है कि ग्रीस अपनी सेना को लगातार आधुनिक बना रहा है। ग्रीस अपनी जीडीपी का करीब 3.5% रक्षा पर खर्च कर रहा है जो कई नेटो देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है। एथेंस ने 2036 तक करीब 28 अरब यूरो खर्च करने की योजना बनाई है। इसमें एयर डिफेंस सिस्टम के साथ-साथ अमेरिका से F35 फाइटर जेट और फ्रांस, इटली से युद्धपोथ खरीदने की योजनाएं शामिल हैं। यानी ग्रीस धीरे-धीरे अपनी पूरी सैन्य क्षमता को अपग्रेड कर रहा है। और अब यहां से कहानी और दिलचस्प हो जाती है। क्योंकि जिस वक्त इजराइल और ग्रीस के बीच यह डील हो रही थी, उसी वक्त टर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब भी एक साथ नए रक्षा गठझोड़ को मजबूत करने में लगे थे। दरअसल 7 अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और टर्की ने मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे।