By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के विधायकों ने राज्य संचालित निगम में करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में आरोपी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को यहां विधान सौध तक मार्च निकाला। विधायकों ने विधानसभा में प्रवेश करने की भी कोशिश की और वे मार्शलों के अवरोध को तोड़कर सदन में घुस गए। इन विधायकों ने काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी और उन्हें रोक रहे मार्शलों ने कहा कि सदन के अंदर काले रंग की टी-शर्ट पहनना प्रतिबंधित है।
मार्शलों द्वारा रोके जाने पर विधायकों ने आपत्ति जताई और उनकी मार्शलों से तीखी बहस हुई। आर. अशोक ने नागेंद्र को लगातार समर्थन देने को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘‘सबूत होने के बावजूद, क्या सिर्फ एक व्यक्ति (नागेंद्र) को बचाने के लिए कांग्रेस द्वारा पूरे विधानसभा सत्र को बाधित किया जाना उचित है?
क्या यह न्यायसंगत है? कांग्रेस नेताओं को मुझे जवाब देना चाहिए।’’ उन्होंने नागेंद्र को निर्दोष बताने संबंधी उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नागेंद्र के खिलाफ 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा, मैंने सीबीआई के आरोपपत्र सहित कई दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं।
क्या आपको अब भी इस पर कोई संदेह है? उन्हें (नागेंद्र को) तुरंत बर्खास्त करें और विधानसभा की कार्यवाही होने दें। पत्रकारों को संबोधित करते हुए विजयेन्द्र ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टों की, भ्रष्टों द्वारा और भ्रष्टों के लिए सरकार होने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के धन को कांग्रेस के लाभ और 2024 के लोकसभा चुनाव में उसके प्रचार के लिए अवैध रूप से स्थानांतरित किया गया था। विपक्षी दल भाजपा ने नागेंद्र को हटाने की मांग को लेकर कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही को कई दिनों तक बाधित किया है। कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी विकास निगम से धन के गबन के आरोपों के बाद सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले नागेंद्र को तीन अगस्त को शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
वह वर्तमान में योजना और सांख्यिकी मंत्री हैं।