By अनुराग गुप्ता | Jan 13, 2021
हैदराबाद। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) अभी तक उभर नहीं पाई है। ऐसे में उसने अब हिन्दुत्व का रास्ता अपनाया है। आंध्र प्रदेश की 175 विधानसभा सीटों पर टीडीपी ने चुनाव लड़ा था, जिसमें से महज 23 सीटों पर ही जीत दर्ज की और 151 सीटों पर जीत दर्ज करने के साथ ही वाईएसआरकांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने सरकार बना ली।
जानकार बताते हैं कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा अब आंध्र प्रदेश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश करने में जुटी हुई है, जो टीडीपी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं, भाजपा ने प्रदेश में सदस्यता अभियान को भी बढ़ावा दे दिया है। भाजपा की रणनीतिक समझदारियों को देखते हुए चंद्रबाबू नायडू ने अब हिन्दुत्व का रास्ता पकड़ लिया है।
मंदिर तोड़फोड़ का उठा रहे मुद्दा
टीडीपी नेताओं ने राज्य में मूर्तियों और मंदिर तोड़फोड़ का मुद्दा जोर शोर से उठा रहे हैं। अंग्रेजी समाचार वेबसाइट द इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के लिए इस तरह की सांप्रदायिक राजनीति नई-नई है। ऐसे में टीडीपी प्रदेश में अपनी पकड़ को वापस मजबूत करने में जुटी हुई है।
रथयात्रा की तैयारियों में जुटी भाजपा
भाजपा आंध्र प्रदेश में अपनी पैठ को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटी हुई है। वहीं, टीडीपी को हिन्दुत्व की तरफ बढ़ता देख भाजपा ने अपनी रणनीति में भी बदलाव किया है और रथयात्रा निकालने की तैयारियों में जुट गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा नेताओं ने विजियानगरम के रामतीर्थम से कपिलातीर्थम तक रथयात्रा निकालने का ऐलान किया है।
मूर्ति तोड़फोड़ का मामला
साल 2020 के आखिरी महीने में विजियानगरम के रामतीर्थम में भगवान श्रीराम की 400 साल पुरानी मूर्ति तोड़े जाने की खबर सामने आई थी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मूर्ति तोड़े जाने की निंदा की और जगन मोहन सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 19 महीनों में 120 से अधिक मंदिरों पर हमले हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जगन मोहन रेड्डी के ईसाई होने का भी जिक्र किया। वहीं, भाजपा ने भी जगन सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था का मुद्दा बनाया था। हालांकि, इस मामले की जांच पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है।