By अंकित सिंह | Jan 05, 2026
भाजपा नेता संगीत सोम को बांग्लादेशी नंबर से बम की धमकी मिली है। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल में खेलने को लेकर संगीत सोम ने आवाज उठाई थी। इसके बाद दी बीसीसीआई को रहमान को लेकर निर्णय लेना पड़ा। अब खबर है कि भाजपा नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम को सोमवार, 5 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 8:00 बजे बम की धमकी मिली। धमकी भरा संदेश उनके आधिकारिक सरकारी व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया था।
इससे पहले भाजपा नेता संगीत सोम ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीआई) के उस फैसले की सराहना की, जिसमें आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिहा करने के लिए कहा गया था। उन्होंने इसे देश में हिंदुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों की जीत बताया। बीसीसीआई का निर्देश उसके सचिव देवजीत सैकिया ने जारी किया, जिन्होंने कहा कि देश भर में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए बोर्ड ने केकेआर से बांग्लादेशी खिलाड़ी को रिहा करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फ्रेंचाइजी चाहे तो उसकी जगह किसी और खिलाड़ी को शामिल कर सकती है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए संगीत सोम ने बीसीसीआई को धन्यवाद दिया और कहा कि इस कदम से एक कड़ा संदेश गया है। केकेआर फ्रेंचाइजी के सह-मालिक बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को निशाना बनाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अभिनेता को यह समझ लेना चाहिए था कि सनातन मूल्यों के खिलाफ जाकर भारत में रहना स्वीकार्य नहीं है। सोम ने दावा किया कि अधिकांश भारतीय सनातन धर्म का पालन करते हैं और उनके समर्थन ने ही शाहरुख खान को एक प्रमुख हस्ती बनाया है।
आलोचना बढ़ने पर बीसीसीआई ने हस्तक्षेप किया और केकेआर फ्रेंचाइजी को निर्देश जारी किए। बोर्ड के अनुसार, यह निर्णय मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि केकेआर को मौजूदा नियमों के तहत एक प्रतिस्थापन खिलाड़ी को साइन करने की अनुमति होगी। दिसंबर में आयोजित आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर ने खरीदा था। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बोली लगाने की होड़ के बाद फ्रेंचाइजी ने बांग्लादेश के इस तेज गेंदबाज को 2 करोड़ रुपये के आधार मूल्य के मुकाबले 9.20 करोड़ रुपये में हासिल किया था। हालांकि, इस सौदे पर जल्द ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते शाहरुख खान और फ्रेंचाइजी को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।