By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 02, 2026
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें ‘‘गुदड़ी का लाल’’ बताया और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनके दृढ़ नेतृत्व तथा राष्ट्रहित में लिए गए साहसिक फैसलों को याद किया। उन्होंने कहा कि ‘‘जय जवान, जय किसान’’ के उद्घोष के साथ शास्त्री ने देश के अन्नदाताओं और सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों को राष्ट्र की शक्ति और गौरव का प्रतीक बनाया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शास्त्री को ईमानदारी, उच्च आदर्शों और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित नेता बताते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी और दृढ़ संकल्प का उदाहरण था। उन्होंने कहा कि ‘‘जय जवान, जय किसान’’ का उनका नारा आज भी देश की सुरक्षा, कृषि और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को प्रेरित करता है। सिंह ने गांधी को भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नयी दिशा दी।
उन्होंने कहा कि शांति, सहिष्णुता, समानता और एकता का गांधी का संदेश आज भी प्रासंगिक है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि शास्त्री के राष्ट्र के प्रति समर्पण और सादगीपूर्ण जीवन के आदर्श आज भी प्रेरणादायक हैं। गांधी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा को जीवन का आधार बनाकर महात्मा ने स्वतंत्रता की भावना को जन-जन तक पहुंचाया।
भाजपा नेता जे. पी. नड्डा ने नयी दिल्ली में कर्तव्य भवन-1 के पास स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और कहा कि 2014 में शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान एक प्रभावी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने शास्त्री को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गांधी ने सत्य और अहिंसा के आधार पर स्वतंत्रता आंदोलन को जन आंदोलन बनाया।
उन्होंने शास्त्री को सादगी और दृढ़ संकल्प की मिसाल बताया। भाजपा नेताओं संबित पात्रा, नितिन गडकरी और स्मृति ईरानी ने भी दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन तथा आदर्शों को याद किया। गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और 30 जनवरी 1948 को दिल्ली में उनकी हत्या कर दी गई थी।
शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश में हुआ था और 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में उनका निधन हुआ। वह नौ जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।