By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 09, 2026
कोलकाता, नौ अक्टूबर पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव की शुक्रवार को जारी मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों ने नंदीग्राम और रेजीनगर क्षेत्रों में अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है। भाजपा ने मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल रेजीनगर सीट पर अप्रत्याशित बढ़त हासिल की है। निर्वाचन आयोग के अनुसार यहां पांच दौर की मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी शाखाराव सरकार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के गुलाम नबी आजाद से 34,501 मतों से आगे हैं।
हासिरानी रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। हासिरानी रथ को 78,025 मत मिले हैं, जबकि दूसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 18,485 वोट हासिल हुए हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के शांति गोपाल गिरि 2,495 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 15-15 दौर की मतगणना होगी। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पश्चिम बंगाल के बदले राजनीतिक परिदृश्य में इन उपचुनावों को पहली चुनावी कसौटी के तौर पर देखा जा रहा है इसलिए इनके नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी। भाजपा ने नंदीग्राम में चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे।
विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीट से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी। उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी को उम्मीदवार बनाया है।
चुनाव मैदान में भाजपा के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष शाखारव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सैयद असद अली शामिल हैं।