राज ठाकरे के अयोध्या दौरे को लेकर भाजपा के दो सांसद आपस में भिड़े

By नीरज कुमार दुबे | May 11, 2022

महाराष्ट्र में हालिया हनुमान चालीसा विवाद के बाद अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे अयोध्या आने वाले हैं जिसको लेकर महाराष्ट्र की सियासत तो तेज है ही अब यूपी में भी इसको लेकर राजनीति गर्मा गयी है। राज ठाकरे के पांच जून को अयोध्या के प्रस्तावित दौरे के विरोध में कैसरगंज से भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने ताल ठोंक दी है तो अयोध्या के भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने कहा है कि वह राज ठाकरे का स्वागत करेंगे। भाजपा के दो सांसदों के विरोधाभासी बयानों के चलते महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों को राज ठाकरे को घेरने का बहाना भी मिल गया है।

वहीं अयोध्या के भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह राज ठाकरे का अयोध्या में स्वागत करेंगे और उनकी मेजबानी भी करेंगे। लल्लू सिंह ने कहा है कि जो भी व्यक्ति भगवान राम की शरण में आना चाहता है, उसका हमेशा स्वागत है। लल्लू सिंह ने कहा "राज ठाकरे को भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। अब वह भगवान राम की शरण में आना चाहते हैं क्योंकि हम भगवान राम के भक्तों के सेवक हैं इसलिए हम उनका स्वागत करेंगे।"

इसे भी पढ़ें: CM उद्धव को राज ठाकरे ने लिखा पत्र, कहा- हमारे धैर्य का अंत मत देखो, सत्ता आती है और चली जाती है

अब देखना होगा कि अपनी ही पार्टी के सांसद के इस बयान के बाद ब्रजभूषण शरण सिंह क्या करते हैं? सवाल यह भी है कि आगामी पांच जून को राज ठाकरे अयोध्या स्थित राम जन्म भूमि में पूजा करने पहुंचेंगे तो क्या उनके कार्यक्रम में बाधा पहुँचाई जायेगी? हम आपको बता दें कि छह बार के सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के विरोध को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि उनके साथ बड़ा जनसमर्थन है। यही नहीं जिस तरह से मंगलवार को उनके रोड शो के दौरान प्रमुख संतों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई वह प्रशासन के लिये चिंता का विषय होना चाहिए। ब्रजभूषण शरण सिंह सिर्फ राज ठाकरे के अयोध्या आगमन के विरोध तक ही खुद को सीमित नहीं रखे हुए हैं, उन्होंने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अनुरोध किया है कि जब तक राज ठाकरे सार्वजनिक रूप से उत्तर भारतीयों से माफी नहीं मांग लेते, तब तक मुख्यमंत्री को राज ठाकरे से नहीं मिलना चाहिए। राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और आमजन की ही भूमिका रही है, ठाकरे परिवार का इससे कोई लेना देना नहीं है।

उधर, राज ठाकरे के पांच जून को प्रस्तावित अयोध्या दौरे के बाद शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी 10 जून को राम नगरी जाने का ऐलान किया है। आदित्य ठाकरे ने कहा है कि वह महाराष्ट्र में ‘राम राज्य’ लाने के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगने के उद्देश्य से अयोध्या जायेंगे। आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के कार्यकर्ता राजनीति की खातिर अयोध्या नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''अयोध्या हमारी ताकत एवं समर्पण का स्रोत है। हम आशीर्वाद मांगने जा रहे हैं।'' 

हम आपको बता दें कि हाल ही में पवार परिवार से भी एक नेता अयोध्या होकर आये हैं और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले भी अयोध्या जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं। तो इस तरह महाराष्ट्र की सियासत में सबसे बड़ा हिंदूवादी और सबसे बड़ा राम और हनुमान भक्त बनने की जो होड़ मची हुई है वह दर्शा रही है कि हर पार्टी का प्रयास है कि बहुसंख्यकों के वोटों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपनी ओर कैसे आकर्षित किया जाये।

प्रमुख खबरें

Womens Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री

England Cricket में बड़ा बवाल, Nightclub के बाहर हथकड़ी में दिखे Brydon Carse टेस्ट मैच से बाहर

हरियाणा में Godrej Group का मेगा प्लान, 20,000 करोड़ के Investment से खुलेंगे 40,000 Jobs के नए द्वार

Larsen & Toubro को Middle East में मिला ₹15,000 करोड़ का Mega Project, बढ़ेगी कंपनी की ताकत