By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 31, 2021
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक फायदे के लिए साजिश रचने और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं को ई-रावण का नाम दिया और कहा कि इनसे निपटने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क कर दिया है।सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीटीआई- से एक साक्षात्कार में कहा कि भाजपा अपने प्रचार और नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘ई-रावण’ की भूमिका में आ गई है और वह रावण की तरह ही भेष बदलकर सोशल मीडिया पर अफवाह और झूठ फैला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता छद्म रूप में सपा समर्थक बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और सपा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं।
अखिलेश ने कहा, हमने अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित, सभ्य और सोशल मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली में संयम बरतने के लिए कहा है, जो संवाद और विचार व्यक्त करने के लिए एक मजबूत माध्यम के रूप में उभरा है। दुर्भाग्य से भाजपा इसका दुरुपयोग कर रही है। यादव ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के साढ़े चार साल बीत चुके हैं और विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि भाजपा के पास अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी काम नहीं है। सपा से ही राज्य के लोगों को उम्मीद बताते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में 350 सीटें जीतेगी। यादव ने कहा, “जब भाजपा झूठ बोलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकती है, तो हम अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों के मुद्दे पर अधिक सीटें क्यों नहीं जीत सकते?” उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा पूरे देश ने देखा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान महिलाओं के साथ क्या व्यवहार किया गया।
कैसे भाजपा के गुंडों ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा को लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है। लोकतंत्र खतरे में है और लोकतंत्र को भाजपा के धोखे से बचाने के लिए सपा लोगों की आवाज उठा रही है। यादव ने पहले आरोप लगाया था कि लखीमपुर खीरी में हाल ही में हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा उम्मीदवार रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव की साड़ियां खींच ली थी। रितु सिंह की शिकायत के आधार पर लखीमपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया। दूसरी ओर भाजपा ने कहा कि किसी भी दुर्व्यवहार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।