Bangladesh में बीजेपी की जीत ने चौंकाया, 6 सीटों पर खिला 'कमल', 'हाथ' का हुआ सूपड़ा साफ

By अभिनय आकाश | Feb 14, 2026

बांग्लादेश चुनावों में बीजेपी ने निश्चित रूप से एक सीट जीती है। लेकिन, इससे पहले कि आप कहें 'बीजेपी है तो मुमकिन है', एक छोटी सी बात ध्यान देने वाली है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीजेपी नहीं है, बल्कि बांग्लादेश जातीय पार्टी है, जिसका संक्षिप्त नाम भारत की सत्तारूढ़ पार्टी से मिलता-जुलता है। सोशल मीडिया पर भी भ्रम की स्थिति बनी रही, जहां कुछ लोगों ने बांग्लादेशी पार्टी को भारत की बीजेपी समझ लिया। 

इसे भी पढ़ें: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी को बुलाने की तैयारी, BNP के टॉप लीडर ने दिया बयान

रहमान पार्थो कौन हैं?

20 अप्रैल, 1974 को जन्मे पार्थो बांग्लादेश की राजनीति के उन युवा चेहरों में से एक हैं, जिन्होंने 2008 में भोला-1 सीट से पहली बार जीत हासिल करने के बाद प्रसिद्धि पाई। उस समय वे बांग्लादेश के सबसे युवा विपक्षी नेता और सांसद थे। उनके पिता, नाज़िउर रहमान मंज़ूर, एक स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1971 के मुक्ति संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में, उन्होंने मंत्री पद संभाला और ढाका के मेयर भी रहे। उन्होंने जातीय पार्टी से अलग होकर 2001 में बांग्लादेश जातीय पार्टी की स्थापना की। पार्थो धानमंडी में पले-बढ़े और एलएलबी की पढ़ाई के लिए लंदन गए। 2008 में अपने पिता के निधन के बाद उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष का पदभार संभाला। शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद पहली बार हुए इस साल के चुनावों से पहले प्रचार के दौरान, पार्थो ने निर्वाचन क्षेत्र को 'तिलोत्तमा' यानी एक सुंदर और आधुनिक शहर में बदलने का वादा किया था। उन्होंने भोला-बरिशाल पुल, एक मेडिकल कॉलेज और घरों में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का भी वादा किया था।

प्रमुख खबरें

केजरीवाल ने दिया Punjab Elections जल्दी होने का संकेत, Bhagwant Mann ही होंगे CM चेहरा!

अमेरिका की नाकेबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भारत के विरोध के बाद रूबियो ने किया साफ

Ayodhya Ram Mandir Donation Row: मंडलायुक्त की अध्यक्षता में SIT गठित, 15 दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट

JP Nadda ने साधा कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना: Himachal में ठप विकास, अधूरे Healthcare Projects