By अभिनय आकाश | Feb 03, 2026
महाराष्ट्र के मीरा भायंदर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की पार्षद दिंपल मेहता नई महापौर चुनी गई हैं। उनके चुनाव का महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) और महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) ने कड़ा विरोध जताया है। ये पार्टियां मांग कर रही हैं कि महापौर के पद पर केवल मराठी भाषी नेता को ही नियुक्त किया जाना चाहिए। मीरा भायंदर नगर निगम में 95 पार्षद हैं। इनमें भाजपा की 78 निर्वाचित सीटों के साथ मजबूत स्थिति है। कांग्रेस के 13 पार्षद हैं, शिवसेना (शिंदे गुट) के 3 पार्षद हैं और भाजपा के एक बागी उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की है। गौरतलब है कि बागी पार्षद अनिल पाटिल ने भी भाजपा को अपना समर्थन दिया है।
गैर-मराठी महापौर के चयन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने दिंपल मेहता की नियुक्ति के विरोध में आज विरोध प्रदर्शन और तीन किलोमीटर लंबी सड़क पदयात्रा निकालने की घोषणा की है। समिति का तर्क है कि शहर की बहुसंख्यक भावना का प्रतिनिधित्व करने के लिए महापौर का मराठी भाषी होना आवश्यक है। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि विरोध करने वाले समूहों में शिवसेना और एमएनएस के सदस्य शामिल हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि यह आपत्ति भाषाई गौरव से संबंधित नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से संबंधित है।