महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों के लिए 'संशोधित NPS' अब वैकल्पिक, जानें नई पेंशन नीति की पूरी प्रक्रिया

By रेनू तिवारी | May 06, 2026

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए संशोधित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (Revised NPS) को वैकल्पिक बनाने का निर्णय लिया है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक आधिकारिक परिपत्र (Circular) में इस योजना के कार्यान्वयन और चयन की विस्तृत प्रक्रिया साझा की गई है। यह नई व्यवस्था विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए है जो पुरानी एनपीएस के बजाय नए ढांचे में शामिल होना चाहते हैं।

सरकार की वेबसाइट पर जारी नए परिपत्र के अनुसार, निर्धारित आयु में सेवानिवृत्त होने वाले और 20 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके तथा संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा, साथ ही महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। 10 से 20 वर्ष की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन, अंतिम वेतन के आधार पर सेवा अवधि के अनुपात में तय की जाएगी। सरकार ने संशोधित योजना के तहत कम से कम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह तय की है जबकि 10 वर्ष से कम सेवा देने वाले कर्मचारी पेंशन लाभ के पात्र नहीं होंगे।

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परिपत्र के अनुसार, परिवार पेंशन के रूप में स्वीकृत पेंशन का 60 प्रतिशत महंगाई राहत के साथ दिया जाएगा। इसमें यह भी अनिवार्य किया गया कि संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से प्राप्त कुल संचित राशि का 60 प्रतिशत सरकार के पास आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) के माध्यम से जमा करना होगा। संचित निधि का शेष 40 प्रतिशत हिस्सा ‘एन्युटी’ (नियमित पेंशन देने वाली बीमा योजना) खरीदने के लिए उपयोग किया जाएगा और ‘एन्युटी’ की राशि को राज्य सरकार द्वारा देय पेंशन के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।

परिपत्र में कहा गया कि एनपीएस कोष से पहले की गई किसी भी निकासी को संशोधित योजना चुनने वाले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करना होगा, अन्यथा उनकी पेंशन पात्रता उसी अनुपात में घटा दी जाएगी। सेवा से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी संशोधित योजना के तहत पेंशन के पात्र नहीं होंगे और उन्हें केवल मौजूदा एनपीएस के तहत ही लाभ मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधित योजना चुनने वालों पर मार्च 2023 में जारी पूर्व आदेशों के अनुसार सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी लागू होगी।

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परिपत्र में उल्लेखित प्रावधान आवश्यक संशोधनों के साथ सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और संबद्ध गैर-सरकारी महाविद्यालयों के कर्मचारियों तथा जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। वित्त विभाग ने कहा कि संशोधित योजना के तहत पेंशन के वितरण के लिए अलग से विस्तृत प्रक्रिया जारी की जाएगी।

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