By Kusum | Apr 03, 2026
शतरंज में भारतीय खिलाड़ियों का बोल बाला देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 11 साल की भारतवंशी बच्ची बोधना शिवानंदन ने इतिहास रच दिया है। बोधना शिवानंद ने पापा के पुराने शतरंज बोर्ड से खेल की शुरुआत की, यूट्यूब से शतरंज की बारिकियां सीखीं और अब 2366 की बेहतरीन रेटिंग के साथ इंग्लैंड की नंबर-1 महिला शतरंज खिलाड़ी बन गई हैं।
अब बोधना शिवानंदन इंग्लिश फेडरेशन की टॉप महिला खिलाड़ी हैं। अब उनकी रेटिंग ब्रिटेन के बाकी सभी देशों की टॉप महिला खिलाड़ियों से भी ज्यादा है। बोधना शिवानंद पहली बार दुनिया की टॉप 100 महिला खिलाड़ियों की लिस्ट में भी शामिल हो गईं जहां वह 72वें नंबर पर हैं।
बता दें कि, बोधना पिछले साल उस समय सुर्खियों में आईं थी जब पहली बार किसी वर्ल्ड चैंपियन को हराया। बोधना ने तब ग्रीस के रोड्स में आयोजित यूरोपीयन क्लब कप में यूक्रेन की पूर्व विमेंस चैंपियन ग्रैंडमास्टर मारिया मुजिचुक को मात दी थी।
बोधना शिवानंद की कुछ अविश्वसनीय उपलब्धियां
वहीं बोधना की उपलब्धि को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी सराहा है। ऋषि सुनक ने एक्स पर बोधना के साथ वाली तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि, सिर्फ 11 साल की उम्र में इंग्लैंड की शीर्ष महिला शतरंज खिलाड़ी बनने पर बोधना शिवानंद को बहुत-बहुत बधाई। हम दोनों ने एक बार डाउनिंग स्ट्रीट के बगीचे में एक-दूसरे के साथ खेला था। बस इतना कहूंगा कि उनकी ये सफलता मेरे लिए कोई हैरानी की बात नहीं है।