हिमाचल प्रदेश: किन्नौर हादसे के नौ मृतकों के शव परिजनों को सौंपे गए, 80 पर्यटक अभी भी फंसे

By विजयेन्दर शर्मा | Jul 27, 2021

शिमला। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में तीन दिन पहले चट्टान खिसकने से मारे गये नौ पर्यटकों के शवों को आज हिमाचल सरकार ने मृतकों के परिजनों को सौंप दिया। मरने वाले आठ पर्यटकों के शव परिजनों के हवाले दिल्ली में किये गये। जबकि मरने वालों में शामिल भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट अमोघ बापट का शव दुर्घटनास्थल के पास स्थित करछम में भारतीय सेना को सौंप दिया गया, जहां से इसे छत्तीसगढ़ में उनके पैतृक स्थान ले जाया गया। गमगीन महौल में यह सब हुआ तो देखने वालों की आंखे भी छलक गई संभवता अब बुधवार को सबका अंतिम संस्कार होगा। 

हिमाचल की वादियों में छुट्टी मना रहीं दीपा ने ट्विटर पर अपनी तस्वीर पोस्ट की और यह भी लिखा, “भारत के अंतिम बिंदु पर हूं जहां नागरिकों को जाने की अनुमति है। इस बिंदु से लगभग 80 किलोमीटर आगे हमारी तिब्बत के साथ सीमा है जिस पर चीन ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।“ दोपहर 12.59 बजे उनकी आखिरी ट्विटर पोस्ट, इसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के नागास्ती चेकपोस्ट पर पोज देती हुई उनकी एक तस्वीर थी।आखिरी ट्वीट के पच्चीस मिनट बाद खबर आई कि पर्यटकों को ले जा रहे एक टेंपो ट्रैवलर पर भारी पत्थर गिरे हैं। उनका एक ट्वीट, “जीवन माँ प्रकृति के बिना कुछ भी नहीं है“, मरणोपरांत व्यापक रूप से लोकप्रिय हुई।“ उसके ट्विटर अकाउंट में पहाड़ी राज्य की उसकी यात्रा के बारे में कई तस्वीरें हैं, जिसमें एक आश्चर्यजनक सुबह का आकाश भी शामिल है। 

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दीपा टीवी के चर्चित शो कौन बनेगा करोड़पति में भी हिस्सा ले चुकी थीं। इसमें उन्होंने 6 लाख रुपए जीते थे। इतना ही नहीं दीपा ने इस कार्यक्रम में होस्ट अमिताभ बच्चन के साथ कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं।राजस्थान के जयपुर के श्याम नगर की रहने वाली डॉक्टर दीपा आयुर्वेद डॉक्टर के अलावा सोशल पॉलिटिकल ऑब्जर्वर, राइटर भी थीं और उन्हें घूमना, फोटोग्राफी करना और लोगों से मिलकर उनके राजनीतिक और सामाजिक विचार जानना उन्हें अच्छा लगता था। साथ ही दीपा सोशल वर्क भी करती रहती थीं। वैसे डॉक्टर दीपा बीते साल नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान भी काफी चर्चा में रही थीं। दीपा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया था कि जब वे शाहीन बाग में लोगों से उनके मुद्दे के बारे में जानने गई थीं, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनपर हमला कर दिया था।इस हादसे से रास्ता बंद होने की वजह से अभी भी यहां करीब 80 पर्यटक फंसे हुये है। यह पर्यटक बासपा घाटी के छितकुल व रकसक गांवों में रुके हुए हैं व रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं किन्नौर के उपायुक्त आबिद हुसैन सिद्दीक ने कहा कि ये पर्यटक बास्पा घाटी के अंतिम गांवों छितकुल और रक्षक में फंसे हुए हैं, क्योंकि भूस्खलन के बाद सांगला-छितकुल मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। 

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उन्होंने कहा कि सड़क से भारी पत्थरों को हटाने में जिला प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी ने कहा कि सेब के बागों के मालिक सड़क के नीचे स्थित उनके बागों के पास पत्थर फेंके जाने पर आपत्ति जता रहे हैं। सिद्दीक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मंगलवार शाम तक सड़क यातायात के लिए खोल दी जाएगी।

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