By अभिनय आकाश | Oct 07, 2026
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अगर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई गड़बड़ी है, तो प्रदर्शनकारियों को विरोध करने का अधिकार है और सरकार को उनका भरोसा फिर से जीतना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की शिकायतें गंभीर हैं, साथ ही उसने छात्रों से क्लास में लौटने को भी कहा। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह तीन हफ़्ते के अंदर एक हलफ़नामा दाखिल करे, जिसमें लगभग 70,000 खाली पदों का विभाग और आरक्षण के हिसाब से ब्योरा दिया गया हो। चीफ़ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने कहा कि वे छात्र हैं, देश-विरोधी नहीं।
बेंच ने कहा कि पुणे एक एजुकेशन हब है। साथ ही, वहाँ के ज़्यादातर छात्र पढ़ाई में सचमुच दिलचस्पी रखते हैं। "वे सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करने में दिलचस्पी नहीं रखते... अगर वे विरोध कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उनकी शिकायतें गंभीर हैं। ये छात्र कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, और अगर उन्हें परीक्षा की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नज़र आती है, तो उन्हें विरोध करने का पूरा अधिकार है।