By Ankit Jaiswal | Aug 28, 2026
ई20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्थिति साफ कर दी है। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा ई20 मिश्रित पेट्रोल को हटाकर ई10 पेट्रोल लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कंपनी के मुताबिक, उसके अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना की बात को गलत तरीके से पेश किया गया है।
कंपनी ने ई20 के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से देश में लाखों वाहन इस ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के बावजूद वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचने या किसी अन्य गंभीर समस्या का प्रमाण सामने नहीं आया है। कंपनी के मुताबिक, ई20 से प्रदूषण कम करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और देश के विदेशी मुद्रा खर्च को घटाने में मदद मिलती है।
मौजूदा विवाद की शुरुआत उन खबरों के बाद हुई, जिनमें कहा गया था कि पेट्रोलियम मंत्रालय पुराने वाहनों के मालिकों की चिंताओं को देखते हुए कम मात्रा में इथेनॉल मिले पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। बताया गया था कि इस संबंध में सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के साथ चर्चा हुई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव के तहत 95 ऑक्टेन वाले प्रीमियम पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल मिलाकर ई10 विकल्प उपलब्ध कराने की संभावना पर चर्चा हुई थी। इसका उद्देश्य पुराने वाहनों के मालिकों को अलग से ई10 वितरण व्यवस्था बनाए बिना कम इथेनॉल वाला पेट्रोल उपलब्ध कराना था। हालांकि, भारत पेट्रोलियम ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा ई20 को ई10 से बदलने की कोई योजना नहीं है।
गौरतलब है कि देश के पेट्रोल पंपों पर ई20 पेट्रोल अब सामान्य ईंधन बन चुका है। इसमें पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होती है, इसलिए अधिक मात्रा में इथेनॉल मिलाने से ईंधन की खपत और वाहन के औसत पर कुछ असर पड़ सकता है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले कह चुके हैं कि ई20 से वाहन या इंजन को नुकसान नहीं होता, हालांकि ईंधन की क्षमता में मामूली कमी आ सकती है। मंत्रालय के अनुसार, ई10 के लिए बनाए गए वाहनों में ई20 इस्तेमाल करने पर ईंधन क्षमता में करीब 3 से 5 प्रतिशत की कमी देखी जा सकती है।
इसी मुद्दे पर मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भी कहा था कि पुराने वाहनों के मालिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए ई20 के साथ कम इथेनॉल वाला विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसी वजह से ई10 को लेकर चर्चा फिर तेज हुई थी।
बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल के मौजूदा ढांचे के इस्तेमाल से ई10 विकल्प उपलब्ध कराने का विचार इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि इसके लिए अलग भंडारण टैंक और वितरण व्यवस्था बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इंडियन ऑयल का एक्सपी95, भारत पेट्रोलियम का स्पीड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का पावर95 जैसे प्रीमियम पेट्रोल पहले से बाजार में मौजूद हैं।
देश में इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2001 में प्रायोगिक तौर पर हुई थी। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटाना, प्रदूषण कम करना और घरेलू स्तर पर इथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। फिलहाल सरकार ई20 व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर कायम है और भारत पेट्रोलियम ने भी राष्ट्रीय इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।