Manipur Fresh Bus Controversy | मणिपुर में केंद्र और प्रमुख संगठनों के बीच बैठक के बाद ताजा विवाद में सफलता मिलने की संभावना?

By रेनू तिवारी | May 28, 2025

कुछ दिन पहले राज्य परिवहन बस पर ‘मणिपुर’ शब्द को ढके जाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके कारण राज्य में विरोध प्रदर्शनों का एक नया दौर शुरू हो गया है, ये विवाद मंगलवार को दिल्ली पहुंच गया। इंफाल में विरोध प्रदर्शनों की अगुआई कर रही और इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे की मांग कर रही मणिपुर अखंडता पर समन्वय समिति (सीओसीओएमआई) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। सोमवार को विरोध प्रदर्शनों के कारण मणिपुर के राज्यपाल अजय भल्ला, जो दिल्ली से एक बैठक के बाद लौट रहे थे, को इंफाल हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर से अपने आवास पर जाना पड़ा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के मेघचंद्र सिंह ने कहा कि यह घटना राज्य में राष्ट्रपति शासन की विफलता को दर्शाती है।


सीओसीओएमआई के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने संयोजक खुरैजम अथौबा के नेतृत्व में गृह मंत्रालय के पूर्वोत्तर सलाहकार ए के मिश्रा और खुफिया ब्यूरो के संयुक्त निदेशक राजेश कांबले से मुलाकात की। अथौबा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया- "हमारी बातचीत अच्छी रही। हमने मणिपुर की स्थिति पर सरकार के साथ अपने जुड़ाव, एसओओ समूहों (जिन समूहों के साथ सरकार ने संचालन निलंबन समझौते किए हैं) को वैधता देने के हमारे विरोध और राज्य में नार्को-आतंकवाद की समस्या सहित विभिन्न मुद्दों पर बात की। हमने उन्हें मौजूदा विवाद पर घाटी में लोगों की भावनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वे सरकार को यही बात बताएंगे। हमें उम्मीद है कि सरकार कार्रवाई करेगी।"

 

इसे भी पढ़ें: बिहार के सारण में बाइक सवार हमलावरों ने दो लोगों की गोली मारकर की हत्या

 

यह रहा पूरा मामला-


सरकारी बस पर लिखे राज्य का नाम ढकने को लेकर इंफाल घाटी में विरोध प्रदर्शन

मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में पिछले हफ्ते, एक सरकारी बस पर लिखे राज्य के नाम को ढकने के विरोध में मेइती समूहों के संगठन ‘कॉर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटेग्रिटी’ (कोकोमी) की छात्र इकाई ने यहां दो केंद्रीय कार्यालयों में ताला लगा दिया। कोकोमी कार्यकर्ता लाम्फेलपट स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में घुस गए और कर्मचारियों से भवन छोड़ने को कहा तथा मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। कार्यकर्ताओं ने कुछ किलोमीटर दूर स्थित भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के कार्यालय पर भी ताला जड़ दिया तथा राज्यपाल के खिलाफ माफी मांगो या मणिपुर छोड़ो जैसे नारे लगाए। इंफाल पूर्वी जिले के लामलोंग में, सैकड़ों लोगों ने ‘‘मणिपुर को विघटित करने’’ के प्रयासों के खिलाफ नारे लगाते हुए मार्च निकाला। उपायुक्त कार्यालय की ओर जा रहे इस मार्च को सुरक्षा बलों ने पोरोमपात चौराहे पर रोक दिया। इंफाल पश्चिम जिले में सिंगजामेई से लिलोंग तक 5 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई। बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल और बिष्णुपुर शहर में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए गए। कोकोमी, इंफाल पूर्वी जिले के ग्वालताबी में हुई घटना पर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग कर रही है। यह आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा बलों ने एक सरकारी बस को, जिसमें सरकार 20 मई को उखरूल जिले में शिरुई लिली उत्सव को कवर करने के लिए पत्रकारों को ले जा रही थी, ग्वालताबी चौकी के पास रोक लिया था। साथ ही, सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) के कर्मचारियों को बस के शीशे पर लिखे राज्य के नाम को कागज से ढकने के लिए मजबूर किया था।


मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्यपाल से की राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा

इसके अलावा मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की और उनसे ग्वालताबी की घटना के समाधान के लिए प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया। पिछले सप्ताह ग्वालताबी की घटना को लेकर मेइती बहुल इंफाल घाटी में विरोध प्रदर्शन हुए थे। यह आरोप लगाया गया था कि सुरक्षा बलों ने उस सरकारी बस को ग्वालताबी जांच चौकी के पास रोक लिया था जिस पर 20 मई को उखरूल जिले में शिरुई लिली उत्सव को कवर करने के लिए जा रहे पत्रकार सवार थे।

 

इसे भी पढ़ें: Army, Navy, Air Force Together | भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच केंद्र ने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए


 आरोप यह भी है कि सुरक्षा बलों ने सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) के कर्मचारियों को बस के शीशे पर लिखे राज्य के नाम को सफेद कागज से ढकने के लिए मजबूर किया था। देर रात प्रेस वार्ता में सिंह ने कहा, ‘‘ आज मैंने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। मैंने राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में उनसे चर्चा की और कुछ बिंदु सुझाए। उन्होंने मेरी बात सुनी और प्रदर्शनकारियों को आमंत्रित करके मौजूदा संकट को हल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा।


मेइती समूहों के संगठन ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत की

मणिपुर के एक मेइती संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्र को एक हालिया घटना पर अपनी भावनाओं से अवगत कराया, जिसमें एक बस पर लिखे राज्य के नाम को कागज से ढक दिया गया था। ‘कोर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटिग्रिटी’ (कोकोमी) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यहां आयोजित बैठक में इसके प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय के दोनों प्रतिनिधियों को शांति के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और सामान्य स्थिति बहाल करने के सभी वास्तविक प्रयासों में सहयोग करने की इच्छा से भी अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को नार्को-आतंकवाद, अवैध आव्रजन, बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती और राज्य में ‘बिगड़ती’ कानून व्यवस्था की स्थिति से उत्पन्न खतरों के बारे में अपनी चिंता से भी अवगत कराया। संगठन का प्रतिनिधित्व सात सदस्यीय टीम ने किया, जबकि गृह मंत्रालय का प्रतिनिधित्व पूर्वोत्तर मामलों पर गृह मंत्रालय के सलाहकार ए के मिश्रा और गृह मंत्रालय के संयुक्त निदेशक राजेश कांबले ने किया। 


All the updates here:

प्रमुख खबरें

Delhi Excise Case: सबूत नजरअंदाज हुए, Arvind Kejriwal की रिहाई के खिलाफ High Court पहुंची CBI

Middle East संकट: CM Siddaramaiah की PM Modi को चिट्ठी, फंसे भारतीयों की तत्काल वापसी की मांग की

T20 World Cup 2026 विजेता टीम पर होगी धनवर्षा, जानें सेमीफाइनल वाली टीमों को कितनी मिलेगी प्राइज मनी

Holi से पहले गले मिले India-Canada, कड़वाहट भुला कर दोनों देशों ने कर लिये कई ऐतिहासिक समझौते