ब्रिटेन, EU ने हुवावेई को कड़ी शर्तो के साथ दी 5G इस्तेमाल करने की मंजूरी,अमेरिका निराश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 29, 2020

ब्रसेल्स/लंदन। ब्रिटेन ने दूरंसचार उपकरण बनाने वाली चीनी कंपनी हुवावेई को कड़ी शर्तों के साथ देश में 5जी नेटवर्क खड़ा करने की मंगलवार को अनुमति दे दी। वहीं, यूरोपीय संघ ने किसी भी कंपनी का नाम लिये बिना कहा है कि उसके सख्त नियमों का पालन करने वाली किसी भी कंपनी को अनुमति देने में वह कोई भेदभाव नहीं करेगा। हालांकि, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के इस निर्णय पर अमेरिका ने निराशा व्यक्त की है। सुरक्षा चिंताओं के चलते अमेरिका लंबे समय से चीन की कंपनी हुवावेई के खिलाफ दबाव बनाता रहा था। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने बीच का रास्ता निकालते हुए हुवावेई को प्रतिबंधित करने की बजाय कड़े नियम बनाने की बात कही है।

ब्रिटेन की सरकार ने एक बयान में कहा कि देश में काम कर रही दूरसंचार कंपनियां अपने 5जी नेटवर्क के लिए हुवावेई के उपकरण उपयोग कर सकेंगी। लेकिन हुवावेई को ‘सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील’इलाकों से दूर रखा गया है। बीबीसी की रपट के मुताबिक ब्रेक्जिट के बाद प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन के लिए यह एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही थी, क्योंकि उनकी कंजरवेटिव पार्टी के अंदर ही अमेरिका की शर्तें मानने का भारी दबाव था। जॉनसन ने इस संबंध में शुक्रवार को फोन पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बातचीत की थी।

खबरों के मुताबिक ट्रंप सरकार के अधिकारी ने ब्रिटेन के इस निर्णय पर निराशा व्यक्त की है। हुवावेई ने ब्रिटेन में आधुनिक पांचवी पीढ़ी के नेटवर्क की स्थापना करने की फिर से प्रतिबद्धता जतायी है। कंपनी के ब्रिटेन के प्रमुख विक्टर झांग ने एक बयान में कहा कि वह ब्रिटेन को दुनिया की सबसे अग्रणी प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराएगा और एक प्रतिस्पर्धी बाजार बनाए रखना सुनिश्वित करेगा। मंगलवार को ही यूरोपीय संघ ने कहा कि वह चीन की दूरसंचार उपकरण कंपनी हुवावेई या किसी अन्य कंपनी को यूरोप में आने से नहीं रोकेगा। यूरोपीय संघ सभी सदस्य देशों को इस संबंध में बुधवार को दिशानिर्देश जारी करेगा। 

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संघ की कार्यकारी इकाई यूरोपीय आयोग के आयुक्त थिएरी ब्रेटन ने यूरोपीय संसद के सदस्यों से कहा कि वह कंपनियों को रोकेगा नहीं बल्कि उनके लिए कड़े नियम बनाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह भेदभाव का मामला नहीं है, बल्कि नियमों को लागू करने का सवाल है। यह नियम कड़े होंगे और जो भी सेवाप्रदाता इनको पूरा करेगा हम उन सभी का यूरोप में स्वागत करेंगे।’’ संघ का यह प्रस्ताव उन ‘उपचारात्मक’दिशानिर्देशों का अंग है जो ब्रेक्जिट के बाद 27 देशों के इस संघ में 5जी नेटवर्क को स्थापित करने में अहम भूमिका अदा करेंगे।

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